भाग्यश्री ने सलमान खान के साथ फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। हाल ही में उन्होंने 90 के दशक की फिल्मों और आज की फिल्मों के बीच के अंतर पर अपनी राय साझा की।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री ने हाल ही में सिनेमा में आए बदलावों पर अपने विचार साझा किए। सलमान खान के साथ आई फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से अपनी करियर की शुरुआत करने वाली भाग्यश्री ने बताया कि पहले शादी के बाद अभिनेत्रियों को काम मिलने में कई बाधाएं थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में कहानियों में पेट्रियाकल किरदारों का बोलबाला था, जिससे शादी के बाद अभिनेत्रियों के लिए फिल्मों में जगह पाना कठिन हो जाता था।
भाग्यश्री ने यह भी स्वीकार किया कि आज के समय में फिल्में और कहानियां काफी बदल गई हैं। अब सिनेमा समाज का वास्तविक प्रतिबिंब बनता जा रहा है और दर्शकों के पास मनोरंजन के अनेक विकल्प हैं।
फिल्मों में बढ़ती इंटिमेसी पर नाराजगी
वैरायटी इंडिया से बातचीत में भाग्यश्री ने कहा, “आज फिल्मों में अनावश्यक इंटिमेसी दिखाने का ट्रेंड बढ़ गया है। मेरा मानना है कि इंटिमेसी के बिना भी फिल्म बनाई जा सकती है और वह सफल भी हो सकती है। कहानियां साहसी, दिलचस्प और अलग हो सकती हैं बिना दर्शकों को असहज किए।” उन्होंने आगे कहा कि आज दर्शक अलग-अलग शैलियों, इंडी फिल्मों और आर्ट फिल्मों के विकल्प चुनते हैं। इसलिए फिल्ममेकर्स को यह समझना होगा कि हर दर्शक की पसंद अलग होती है।
शादी और करियर: तब और अब
भाग्यश्री ने अपने करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उन्होंने इंडस्ट्री से ब्रेक लिया ताकि अपने परिवार और निजी जीवन पर ध्यान दे सकें। उन्होंने कहा,
'90 के दशक में महिलाओं के लिए शादी के बाद काम करना मुश्किल था। हालांकि, अब अधिक शिक्षित और स्वतंत्र महिलाएं आगे आ रही हैं, जिससे समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदल रहा है। पुरुषों की भी तारीफ करनी चाहिए, जो अपने जीवनसाथी को पढ़ाई और करियर के लिए प्रेरित करते हैं।'
भाग्यश्री की मान्यता है कि सिनेमा में महिलाओं को अब पहले की तुलना में अधिक अवसर मिल रहे हैं, और यह बदलाव सकारात्मक है।

सिनेमा का सामाजिक प्रतिबिंब
अभिनेत्री ने बताया कि सिनेमा समाज का आईना है। 90 के दशक में फिल्में परिवार के लिए मनोरंजन का प्रमुख साधन थीं, लेकिन अब लोग अधिक व्यक्तिवादी हो गए हैं। इसलिए फिल्में अब कई प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं और दर्शकों के विकल्प बढ़ गए हैं। भाग्यश्री का मानना है कि कहानियां अब भी समाज के प्रति विद्रोह या संवेदनशील विषयों को बिना दिखाए रोचक और साहसी बन सकती हैं। उनका कहना है कि कहानी और किरदारों की मजबूती ही दर्शकों को आकर्षित करती है, न कि अनावश्यक इंटिमेसी।
भाग्यश्री ने 2003 में ‘मां संतोषी मां’ से बॉलीवुड में वापसी की थी और इसके बाद उन्होंने ‘थलाइवी’, ‘राधे श्याम’ और ‘छत्रपति’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। अब वे आगामी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में नजर आएंगी, जो 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। उनकी यह नई फिल्म दर्शकों को 90 के दशक के रोमांटिक अंदाज और आज के आधुनिक सिनेमा का मिश्रण देखने का अवसर देगी।











