भारत-नेपाल सीमा 2 मार्च आधी रात से 5 मार्च रात तक बंद रहेगी। नेपाल में चुनाव को सुरक्षित बनाने के लिए इंपोर्ट-एक्सपोर्ट रोका जाएगा। सुरक्षा बढ़ाई गई है, लेकिन दवाओं और जरूरी सामान को छूट दी जाएगी।
New Delhi: भारत और नेपाल की साझा सीमा 2 मार्च की आधी रात से बंद हो जाएगी और यह बंदी 5 मार्च की आधी रात तक लागू रहेगी। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनावों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भरोसेमंद बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस दौरान दोनों देशों के बीच होने वाला सामानों का आयात और निर्यात भी अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।
नेपाल के गृह मंत्रालय ने 26 फरवरी को इस संबंध में आधिकारिक संदेश जारी किया है। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारत से सटे जिले बांके जिले के सभी बॉर्डर आउटपोस्ट 2 और 3 मार्च की रात 12 बजे से 5 मार्च की रात 12 बजे तक पूरी तरह बंद रहेंगे। इसका उद्देश्य नेपाल में चुनाव प्रक्रिया को बिना किसी बाहरी दबाव या खतरे के सम्पन्न कराना है।
सीमा पर सुरक्षा
बहराइच के रुपैडिहा में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के इंचार्ज सुधीर शर्मा ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की निगरानी बढ़ा दी गई है और सभी लोग और वाहनों की कड़ी जांच की जाएगी। बॉर्डर पार करने के लिए केवल उन्हीं लोगों को अनुमति दी जाएगी जिनके पास सही दस्तावेज होंगे और जिनकी यात्रा पूरी तरह सत्यापित होगी।
सशस्त्र सीमा बल (BSF) की 42वीं बटालियन के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने कहा कि वोटिंग के दौरान बॉर्डर पर आंदोलन को सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले से ही बॉर्डर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और पूरी जांच के बाद ही कोई भी व्यक्ति या सामान सीमा पार कर सकेगा।
जरूरी सामान और दवाओं को राहत

हालांकि सामान्य इंपोर्ट और एक्सपोर्ट पर रोक रहेगी, लेकिन दवाओं और अन्य जरूरी सामग्रियों को इस बंदी से छूट दी गई है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों और विशेष आवश्यकताओं वाले लोगों को सुरक्षा बलों की निगरानी में बॉर्डर पार करने की अनुमति दी जा सकती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चुनाव और सुरक्षा के बीच नागरिकों की जरूरी जरूरतों पर कोई असर न पड़े।
नेपाल में भारत में रहने वाले वोटर भी सीमा पार करने आते हैं। गंगा सिंह उदावत ने बताया कि इन्हें नौकरी और व्यवसाय के लिए भारत में रहना पड़ता है, लेकिन चुनाव के दौरान केवल आवश्यक मामलों में ही सीमा पार करने की अनुमति दी जाएगी।
चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने का मकसद
नेपाल सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से चुनाव की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। सीमा को अस्थायी रूप से बंद करके नेपाल में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी बाहरी गतिविधि या दबाव से बचने का प्रयास किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मतदान स्वतंत्र, फेयर और भरोसेमंद हो, इस तरह की सख्त निगरानी आवश्यक मानी गई है।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर इस अस्थायी बंदी का सीधा असर दोनों देशों के व्यापारियों और व्यापार गतिविधियों पर पड़ेगा। इस दौरान नियमित रूप से होने वाले इंपोर्ट और एक्सपोर्ट बंद होंगे, जिससे सीमावर्ती व्यापारियों को कुछ दिन के लिए अपने कारोबार में व्यवधान का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आवश्यक सामानों और दवाओं को छूट देने से यह सुनिश्चित किया गया है कि स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामले प्रभावित न हों।
सीमा सुरक्षा बल की जिम्मेदारी
सशस्त्र सीमा बल इस दौरान न केवल सीमा की निगरानी करेंगे, बल्कि यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अप्रिय घटना या सुरक्षा उल्लंघन न हो। गंगा सिंह उदावत ने कहा कि इस दौरान पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी रहेगी और सुरक्षा बल हर स्थिति के लिए तैयार रहेंगे।
साथ ही, बॉर्डर पार करने वाले जरूरी मामलों को भी सुरक्षा बल के निर्देशन में नियंत्रित किया जाएगा। यह कदम नागरिकों और व्यापार दोनों के लिए सुरक्षा और सुविधा का संतुलन बनाए रखने की कोशिश है।












