Apple ने अपने AI Intelligence डिवीजन में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए भारतीय मूल के Amar Subramanya को नई जिम्मेदारी सौंपी है। वह अब कंपनी की एआई और मशीन लर्निंग रणनीति का नेतृत्व करेंगे। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब Apple एआई रेस में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
Apple Intelligence: ऐप्पल ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस रणनीति को नई दिशा देने के लिए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट John Giannandrea की जगह भारतीय मूल के Amar Subramanya को जिम्मेदारी सौंपी है। यह नियुक्ति अमेरिका में हुई है और 2024 में Apple Intelligence की शुरुआत के बाद सबसे बड़ा नेतृत्व परिवर्तन मानी जा रही है। John अगले साल रिटायर होंगे और तब तक सलाहकार रहेंगे। एआई फीचर्स में पिछड़ने की आलोचना के बीच कंपनी ने यह कदम अपनी प्रतिस्पर्धा मजबूत करने के लिए उठाया है।
Apple Intelligence में Amar Subramanya की एंट्री
ऐप्पल ने अपने एआई इंटेलीजेंस डिवीजन में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय मूल के Amar Subramanya को नई जिम्मेदारी सौंपी है। वह अब कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़ी रणनीति की कमान संभालेंगे। इससे पहले यह जिम्मेदारी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट John Giannandrea के पास थी।
John Giannandrea अगले साल रिटायर होने वाले हैं और तब तक ऐप्पल में एडवाइजर की भूमिका निभाएंगे। 2024 में Apple Intelligence की शुरुआत के बाद यह पहली बड़ी लीडरशिप नियुक्ति मानी जा रही है।

एआई रेस में Apple को क्यों चाहिए था नया चेहरा
यह बदलाव ऐसे वक्त पर हुआ है जब Apple पर एआई को लेकर पिछड़ने के आरोप लग रहे हैं। कंपनी अब तक अपने डिवाइसेज में बड़े एआई फीचर्स देने में सफल नहीं हो पाई है और Siri को लेकर भी चुनौतियां बनी हुई हैं।
अब Apple की फाउंडेशन मॉडल, एआई रिसर्च और सेफ्टी से जुड़ी टीमें सीधे Amar Subramanya को रिपोर्ट करेंगी। वह इस भूमिका में ऐप्पल के सॉफ्टवेयर हेड Craig Federighi को रिपोर्ट करेंगे, जो पहले से ही Apple Intelligence की दिशा तय कर रहे हैं।
कौन हैं Amar Subramanya
Amar Subramanya इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट में AI के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं। वहां उन्होंने एंटरप्राइज लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा वह 16 साल तक गूगल से जुड़े रहे, जहां वह Gemini Assistant की इंजीनियरिंग टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। ऐप्पल का मानना है कि उनकी एआई रिसर्च और प्रोडक्ट इंटीग्रेशन की समझ कंपनी के आने वाले फीचर्स को नई दिशा देगी।











