ग्रोक एआई के बिकिनी इमेज ट्रेंड ने भारत और ब्रिटेन में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट के आरोपों के बाद दोनों देशों की सरकारों ने एक्स प्लेटफॉर्म पर सख्ती दिखाई है। ब्रिटेन में बैन और भारी जुर्माने तक की चेतावनी दी गई है।
Grok AI Controversy: ब्रिटेन और भारत में एक्स प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट ग्रोक चैटबॉट को लेकर विवाद तब गहराया, जब उस पर महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक इमेज बनाने के आरोप लगे। यह मामला हाल के दिनों में सामने आया, जिसके बाद यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मीडिया रेगुलेटर को सख्त कार्रवाई के विकल्प तलाशने को कहा। ब्रिटेन के ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के तहत एक्स पर जुर्माना या बैन संभव है। वहीं भारत सरकार ने भी कंटेंट हटाने और भविष्य की रोकथाम को लेकर कंपनी से स्पष्ट जवाब मांगा है।
ब्रिटेन में क्यों बढ़ी परेशानी
ब्रिटेन में ग्रोक चैटबॉट एक्स प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट है। आरोप है कि कुछ यूजर्स ने इसका इस्तेमाल कर महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक और अनड्रेस इमेज तैयार कीं, जिन्हें सोशल मीडिया और डार्क वेब तक पर शेयर किया गया। मामला सामने आते ही यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मीडिया रेगुलेटर को सभी विकल्पों पर विचार करने के निर्देश दिए।
ब्रिटेन के ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के तहत ऐसे मामलों में भारी जुर्माने का प्रावधान है। रेगुलेटर को यह अधिकार भी है कि जरूरत पड़ने पर एक्स ऐप को देश में बैन किया जा सके। स्टार्मर ने खुद एक्स से बात कर आपत्तिजनक कंटेंट तुरंत हटाने को कहा है और साफ किया है कि प्लेटफॉर्म को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

भारत सरकार का सख्त संदेश
भारत में भी ग्रोक एआई बिकिनी ट्रेंड को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस तरह के कंटेंट को भारत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और एक्स को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। सरकार ने कंपनी से यह भी पूछा है कि भविष्य में ऐसे ट्रेंड दोबारा न उभरें, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।
एक्स की ओर से दी गई सफाई से सरकार संतुष्ट नहीं दिखी। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार चाहती है कि प्लेटफॉर्म केवल कंटेंट हटाने तक सीमित न रहे, बल्कि एआई टूल्स की जवाबदेही और कंट्रोल को लेकर स्पष्ट नीति सामने रखे।
ग्रोक एआई और एक्स के लिए आगे की चुनौती
यह विवाद xAI और एक्स दोनों के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है। एक तरफ एआई की आजादी और इनोवेशन का सवाल है, तो दूसरी तरफ यूजर सेफ्टी और बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे। ब्रिटेन और भारत जैसे बड़े बाजारों में सख्ती बढ़ने से कंपनी पर वैश्विक दबाव भी बढ़ सकता है।
अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगा। एक्स ऐप पर प्रतिबंध और एआई रेगुलेशन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छिड़ने की संभावना भी बन रही है।










