BMC चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में महायुति की बढ़त पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने वोट चोरी को राष्ट्र-विरोधी बताया। विपक्ष ने मतदान प्रक्रिया पर संदेह जताया, जबकि आयोग ने आरोप खारिज किए।
BMC Election: मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में भाजपा-शिवसेना महायुति गठबंधन की बढ़त के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) पर निशाना साधा और कहा कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा कमजोर होता जा रहा है। राहुल गांधी ने ट्वीट और मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "चुनाव आयोग द्वारा नागरिकों को गुमराह करना हमारे लोकतंत्र के भरोसे को खत्म करने जैसा है। वोट चोरी एक राष्ट्र-विरोधी काम है।"
महायुति गठबंधन की बढ़त
बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, पोस्टल बैलेट और पहले दौर की गिनती में भाजपा-शिवसेना महायुति गठबंधन 52 वार्डों में आगे चल रहा है। भाजपा 35 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि शिवसेना 17 सीटों पर आगे दिख रही है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) 22 सीटों में आगे चल रही है और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) 8 सीटों में बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस 4 सीटों पर आगे चल रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बढ़त महायुति के लिए निर्णायक साबित हो सकती है और मुंबई में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल सकती है। विपक्षी खेमे में चिंता बढ़ गई है और राहुल गांधी ने इस बीच लोकतंत्र की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाकर अपने विरोध को मुखर कर दिया।
मतदान और वोट प्रतिशत

राज्य चुनाव आयुक्त (SEC) के अनुसार, इस बार BMC चुनाव में कुल 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मुंबई में कुल 1,03,44,315 वोटर्स हैं, जिनमें से 54,76,043 लोगों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। पुरुष मतदाताओं ने कुल 3.7 लाख अधिक वोट डाले, जबकि 277 वार्डों में 29,23,433 पुरुष, 25,52,359 महिलाएं और 251 ट्रांसजेंडर वोटर्स ने मतदान किया।
पिछले BMC चुनाव 2017 में हुए थे और उस समय की मेयर किशोरी पेडनेकर का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था। अब चार साल बाद मुंबई को नया मेयर मिलने वाला है, जो शहर के प्रशासन और विकास के दृष्टिकोण को प्रभावित करेगा।
चुनाव आयोग पर विपक्ष का आरोप
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सीधे निशाना साधा और कहा कि नागरिकों को गुमराह करने की कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि वोट चोरी और परिणामों में हस्तक्षेप राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है।
वहीं, शिवसेना (UBT) और MNS ने भी चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए थे, जिनमें उन्होंने मतदाता सूची और वोटिंग प्रक्रिया में अनियमितताओं का हवाला दिया था। हालांकि राज्य चुनाव आयुक्त ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि BMC चुनाव के नतीजे केवल मुंबई के लिए नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को प्रभावित करेंगे। अगर महायुति गठबंधन जीतता है तो भाजपा और शिवसेना का प्रभुत्व शहर में मजबूत होगा। वहीं, ठाकरे खेमे के लिए यह हार राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक झटका साबित हो सकती है।
एग्जिट पोल्स ने भी महायुति गठबंधन की जीत का अनुमान लगाया था, जिसमें ठाकरे भाई दूसरे नंबर पर दिख रहे थे और कांग्रेस व उसके सहयोगियों का प्रदर्शन कमजोर रहा।










