मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 में जहां एक ओर बॉलीवुड और टीवी जगत की कई नामी हस्तियों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया, वहीं अभिनेत्री सौम्या टंडन के लिए यह दिन निराशा और परेशानी लेकर आया।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: हाल ही में मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनावों के लिए मतदान पूरे हो चुके हैं और आज ही चुनाव का फैसला आएगा। अपने क्षेत्र का नगर सेवक चुनने के लिए बॉलीवुड के दिग्गज सितारे जैसे अक्षय कुमार, हेमा मालिनी, ऋत्विक धनजानी, जॉन अब्राहम, सुनील शेट्टी, राकेश रोशन और गुलजार समेत कई हस्तियां अलग-अलग पोलिंग बूथ पर अपने कीमती वोट डालने पहुंचीं।
जहां एक ओर सितारे आसानी से वोट देकर लौट रहे थे, वहीं फिल्म 'धुरंधर' में रहमान डकैत की पत्नी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री सौम्या टंडन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वोटर लिस्ट और बूथ लोकेशन में हुए कंफ्यूजन के कारण उन्हें काफी भागदौड़ करनी पड़ी, जिस पर उन्होंने बातचीत में अपनी नाराजगी भी व्यक्त की।
सितारों ने किया मतदान, लेकिन सौम्या को झेलनी पड़ी परेशानी
BMC चुनावों के दौरान मुंबई के विभिन्न इलाकों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान अक्षय कुमार, हेमा मालिनी, जॉन अब्राहम, सुनील शेट्टी, राकेश रोशन, गुलजार, ऋत्विक धनजानी जैसे कई मशहूर सितारे अपने-अपने पोलिंग बूथ पर वोट डालते नजर आए। हालांकि, जब सौम्या टंडन वोट डालने पहुंचीं, तो उन्हें उम्मीद के मुताबिक प्रक्रिया आसान नहीं लगी। वोटर लिस्ट और बूथ लोकेशन को लेकर हुई अव्यवस्था ने उन्हें निराश कर दिया।
मीडिया से बातचीत में सौम्या टंडन ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा, मैं ऑनलाइन वेरिफिकेशन करने के बाद ही वोट डालने गई थी। मेरी बिल्डिंग के पास एक हेल्प डेस्क था, जहां से मुझे बताया गया कि मेरा पोलिंग बूथ कहां है। मेरे पास उस जानकारी का स्क्रीनशॉट भी मौजूद है। लेकिन जब मैं वहां पहुंची, तो अधिकारियों ने मुझे किसी दूसरी लोकेशन पर भेज दिया।
उन्होंने आगे बताया कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि उनकी डिटेल्स किसी और पोलिंग बूथ पर दिख रही हैं। इसके बाद उन्हें डालमिया कॉलेज स्थित बूथ पर जाने को कहा गया। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय और ऊर्जा खर्च हुई।

“ये मेरा अधिकार है”—निराशा जाहिर करतीं सौम्या
इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सौम्या टंडन ने कहा, मुझे समझ नहीं आ रहा कि जब मेरा नाम ऑनलाइन वेरिफाई हो चुका था, तो फिर इतनी कन्फ्यूजन क्यों हुई। ये मेरा अधिकार और कर्तव्य दोनों है कि मैं वोट करूं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कहीं उनका नाम वोटिंग लिस्ट में वास्तव में दर्ज था भी या नहीं। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते वोट डालने की इच्छा रखने वाली अभिनेत्री के लिए यह अनुभव काफी निराशाजनक रहा।
सौम्या टंडन का यह अनुभव केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यह चुनावी प्रक्रिया में सुधार की जरूरत की ओर भी इशारा करता है। जब एक जागरूक और तकनीकी रूप से वेरिफाइड मतदाता को इतनी परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो आम नागरिकों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।











