छत्तीसगढ़: सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़: सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम ने किस्टाराम क्षेत्र में चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान 12 नक्सलियों को मार गिराया। 

Chhatisgarh Naxals Encounter: छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरजी (ड्रैगन रेज़र्व ग्रुप) के जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया। सुरक्षाबलों ने सुकमा के किस्टाराम इलाके में तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। कई घंटों की गोलीबारी के बाद 12 नक्सली ढेर कर दिए गए। मौके से जवानों ने AK-47 और इंसास राइफल भी बरामद की है।

किस्टाराम इलाके में चला सर्च ऑपरेशन

सुकमा पुलिस के अनुसार, सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि कोंटा एरिया कमेटी से जुड़े कई हार्डकोर माओवादी किस्टाराम के जंगलों में छिपे हुए हैं। इसी इनपुट के आधार पर एसपी किरण चव्हाण के नेतृत्व में DRG की एक विशेष टीम को तड़के सुबह जंगलों में रवाना किया गया। जैसे ही जवान तलाशी अभियान चला रहे थे, नक्सलियों ने उन पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई।

जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ करीब एक घंटे तक चली, जिसमें सुरक्षाबलों ने रणनीतिक बढ़त बनाते हुए 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया। गोलीबारी थमने के बाद इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से AK-47, इंसास राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और आशंका जताई जा रही है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है।

8 लाख का इनामी नक्सली मंगडू भी ढेर

इस मुठभेड़ में मारा गया एक बड़ा नाम है वेट्टी मुका उर्फ मंगडू। करीब 40 वर्षीय मंगडू सुकमा जिले के गोगुड़ा गांव का निवासी था और लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था। वह कोंटा एरिया कमेटी का सचिव था और कई नक्सली हमलों की साजिश रचने में उसकी भूमिका रही थी। प्रशासन ने उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मंगडू के पास अत्याधुनिक हथियार थे और वह सुरक्षाबलों के लिए लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।

इस ऑपरेशन में एक और खूंखार माओवादी एसीएम हितेश भी मारा गया है। हितेश 9 जून को कोंटा क्षेत्र में हुए IED ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था। उसी हमले में तत्कालीन एएसपी आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए थे। सुरक्षाबलों ने इस कार्रवाई को एएसपी आकाश राव की शहादत का बदला बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मुठभेड़ नक्सलियों के मनोबल को बड़ा झटका देने वाली साबित होगी।

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