Cyber Attack के बाद Tata Motors की बढ़ीं मुश्किलें, लाल निशान में शेयर

Cyber Attack के बाद Tata Motors की बढ़ीं मुश्किलें, लाल निशान में शेयर

Cyber attack से Jaguar Land Rover का कारोबार प्रभावित होने के बाद Tata Motors के शेयरों में तेज गिरावट आई। Q3 FY26 अपडेट के बाद निवेशकों की धारणा कमजोर हुई और Tata Motors PV के शेयर 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए।

Tata Motors Share: टाटा ग्रुप की प्रमुख ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स को साइबर अटैक के कारण बड़ा झटका लगा है। इस घटना का सीधा असर कंपनी के प्रीमियम कारोबार पर पड़ा है, खासकर Jaguar Land Rover से जुड़े बिजनेस पर। 

मंगलवार 6 जनवरी 2026 को जैसे ही कंपनी ने Q3 FY26 के आंकड़े जारी किए, बाजार की प्रतिक्रिया तुरंत नकारात्मक रही और Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। लगातार पांच कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली रही।

शेयर बाजार में Tata Motors PV का हाल

मंगलवार को Tata Motors PV के शेयर 371.50 रुपये पर खुले। शुरुआती कारोबार में ही शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया और यह 360 रुपये के निचले स्तर तक फिसल गए। दिन के दौरान शेयरों में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिला। दोपहर बाद कुछ हद तक रिकवरी जरूर आई, लेकिन इसके बावजूद शेयर खबर लिखे जाने तक गिरावट में ही कारोबार कर रहे थे। बाजार जानकारों के मुताबिक Q3 अपडेट में सामने आए आंकड़ों ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।

हालिया प्रदर्शन पर नजर

अगर हालिया परफॉर्मेंस की बात करें तो पिछले पांच कारोबारी दिनों में Tata Motors PV के शेयर करीब 2 प्रतिशत चढ़े थे और एक महीने में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। 

हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो तस्वीर उतनी मजबूत नहीं दिखती। पिछले छह महीनों में शेयर करीब 12 प्रतिशत टूट चुके हैं। अक्टूबर में NSE पर स्पेशल प्री ओपन सेशन के बाद शेयर 400 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुआ था, जो उस समय के पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 39.5 प्रतिशत कम था।

साइबर अटैक ने कैसे बदली तस्वीर

कंपनी के मुताबिक हाल ही में हुए एक बड़े cyber attack ने Jaguar Land Rover के ऑपरेशंस को प्रभावित किया। इस हमले के चलते उत्पादन प्रक्रिया में बाधा आई और नवंबर के मध्य तक जाकर ही मैन्युफैक्चरिंग सामान्य हो सकी। इसके बाद तैयार गाड़ियों को अलग अलग बाजारों में भेजने में भी देरी हुई। इसी वजह से Q3 के दौरान wholesale और retail दोनों तरह की बिक्री पर दबाव बना।

क्या बताते हैं JLR के Q3 FY26 आंकड़े

Q3 FY26 में Jaguar Land Rover की wholesale बिक्री सालाना आधार पर 43.3 प्रतिशत घटकर 59,200 यूनिट रह गई। तिमाही आधार पर भी इसमें 10.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। लगभग सभी प्रमुख बाजारों में बिक्री कमजोर रही, जिससे यह साफ हो गया कि समस्या किसी एक रीजन तक सीमित नहीं थी।

रीजन वाइज बिक्री में गिरावट

North America में JLR की बिक्री में 64.4 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। Europe में बिक्री 47.6 प्रतिशत घटी, जबकि China में यह 46 प्रतिशत नीचे रही। Overseas markets में 50.4 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। UK में गिरावट मामूली रही और यह सिर्फ 0.9 प्रतिशत रही। Middle East और North Africa यानी MENA रीजन में भी 8.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

प्रीमियम मॉडल्स का योगदान

कंपनी ने बताया कि Range Rover, Range Rover Sport और Defender जैसे प्रीमियम मॉडल्स का हिस्सा कुल wholesale बिक्री में 74.3 प्रतिशत रहा। हालांकि, इसके बावजूद कुल बिक्री दबाव में रही। वित्त वर्ष की शुरुआत से अब तक की बात करें तो कुल wholesale बिक्री 26.6 प्रतिशत घटकर 2,12,600 यूनिट रह गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि चुनिंदा मजबूत मॉडल्स के बावजूद समग्र कारोबार पर असर पड़ा है।

रिटेल बिक्री में भी कमजोरी

October से December की तिमाही में JLR की retail बिक्री भी दबाव में रही। इस दौरान retail sales सालाना आधार पर 25 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 6.7 प्रतिशत गिरकर 79,600 यूनिट पर आ गई। कंपनी का कहना है कि साइबर अटैक के बाद production normal होने में समय लगा और उसके बाद shipping delays ने भी बिक्री को प्रभावित किया।

अन्य कारण जिन्होंने बढ़ाया दबाव

साइबर अटैक के अलावा कुछ अन्य फैक्टर्स ने भी JLR की बिक्री को प्रभावित किया। पुराने Jaguar models को धीरे धीरे बंद किया जाना, कुछ प्रमुख बाजारों में tariff बढ़ना और ग्लोबल स्तर पर अनिश्चित आर्थिक माहौल ने भी मांग पर असर डाला। खासतौर पर अमेरिका में बढ़े टैरिफ का असर साफ तौर पर बिक्री आंकड़ों में दिखाई दिया।

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