दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और सर्दियों की धुंध के कारण लोगों में विटामिन डी की कमी तेजी से बढ़ रही है। सूरज की UVB किरणें शरीर तक नहीं पहुंच पाने के कारण हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित धूप और निर्धारित मात्रा में विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेना जरूरी है।
Delhi NCR Vitamin D Deficiency: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और धुंध के बढ़ते स्तर के कारण लोगों में विटामिन डी की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बन गई है। नवंबर से जनवरी तक सूरज की किरणें शरीर तक ठीक से नहीं पहुँच पाती हैं, जिससे हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है। एक्सपर्ट बच्चों, किशोरों और बड़ों को निर्धारित मात्रा में विटामिन डी सप्लीमेंट लेने और धूप में समय बिताने की सलाह दे रहे हैं, ताकि यह कमी दूर की जा सके।
प्रदूषण का असर और विटामिन डी की कमी
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान स्मॉग और धूल के कारण सूरज की किरणें पर्याप्त रूप से शरीर तक नहीं पहुँच पाती हैं। विटामिन डी का मुख्य स्रोत सूरज की धूप है, और इसके अभाव में शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस का अवशोषण प्रभावित होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि नवंबर से जनवरी तक धूप में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता।
शहरी जीवनशैली भी इस कमी को बढ़ाती है। लोग अधिकतर समय घर या ऑफिस में रहते हैं और खुले में कम समय बिताते हैं। इसके कारण शहरों में विटामिन डी की कमी ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक पाई जाती है।

विटामिन डी की मात्रा और बचाव के तरीके
विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ों को प्रतिदिन 2000 IU, किशोरों को 1000 IU और बच्चों को 600–1000 IU विटामिन डी लेना चाहिए। विटामिन डी की कमी से थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, हड्डियों और पीठ में दर्द, मूड में बदलाव और बार-बार संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि सप्लीमेंट्स की जरूरत से अधिक खुराक लेना हाइपरकैल्सीमिया, किडनी स्टोन और बार-बार पेशाब जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। इसलिए, डॉक्टरी सलाह के बिना उच्च खुराक लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण और सर्दियों की धुंध लोगों के लिए विटामिन डी की कमी का बड़ा कारण बन रही है। समय रहते सप्लीमेंट्स और संतुलित धूप लेना इस कमी से बचाव का सबसे असरदार तरीका है।








