जयपुर का लेपर्ड रेस्क्यू ऑपरेशन सफल, 40 फीट दीवार कूदने वाले जानवर को पिंजरे में किया बंद

जयपुर का लेपर्ड रेस्क्यू ऑपरेशन सफल, 40 फीट दीवार कूदने वाले जानवर को पिंजरे में किया बंद

जयपुर में दो दिन तक लोगों को डराने वाला लेपर्ड आखिरकार गुरुवार देर रात पिंजरे में आ गया। वन विभाग की टीम ने चांदपोल बाजार स्थित कुरैशी कॉलोनी के एक घर के गैराज से उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। घटना के दौरान आसपास के लोग काफी समय तक जमा रहे।

Rajasthan: जयपुर में चांदपोल बाजार स्थित कुरैशी कॉलोनी में दो दिन से शहरवासियों के बीच दहशत फैलाने वाला लेपर्ड आखिरकार देर रात पकड़ा गया। वन विभाग की टीम ने गैराज में छिपे इस जानवर को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पिंजरे में बंद किया। जानकारी के अनुसार, लेपर्ड सबसे पहले सरोज सिनेमा हॉल के पास देखा गया, फिर मंसूरी मंजिल होते हुए मोहम्मद साबिर के गैराज तक पहुंचा।

आसपास के लोग घटना को देखकर काफी देर तक इकट्ठा रहे, जबकि रेस्क्यू टीम सूचना मिलने के डेढ़ घंटे बाद पहुंची। टीम ने कई प्रयासों के बाद रात 12:50 बजे उसे पकड़ लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और लेपर्ड को सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा। यह घटना जयपुर में शहरी क्षेत्रों में वन्य जीवों की अनपेक्षित मौजूदगी की याद दिलाती है। 

शहर में घूमता रहा लेपर्ड, रेस्क्यू में लगी मेहनत

जयपुर के पानीपेच और सीकर हाउस इलाके में गुरुवार सुबह लेपर्ड की मौजूदगी ने हड़कंप मचा दिया। बुधवार को नेहरू नगर में देखा गया यह जानवर रात 8 बजे साबिर के गैराज में पहुंचा, जहां वाहिद ने उसे देखकर वन विभाग को सूचना दी।

रेस्क्यू टीम रात 9:30 बजे मौके पर पहुंची, लेकिन लेपर्ड चार किलोमीटर दूर घनी आबादी से होते हुए सीकर हाउस तक जा चुका था। रात 12:20 बजे उसे ट्रैंकुलाइज किया गया। 40 फीट ऊंची दीवार पार करने के बाद वह नीचे कूदा और आखिरकार देर रात 12:50 बजे पिंजरे में सुरक्षित रखा गया। रेंजर अजीत मीणा ने बताया कि फुटेज के अलावा कोई अन्य सूचना नहीं मिली थी, जिससे रेस्क्यू चुनौतीपूर्ण रहा।

लेपर्ड की हलचल

जयपुर के सीकर हाउस कॉलोनी में सुबह 6 बजे शहरवासियों के बीच हड़कंप मच गया जब लेपर्ड कॉलोनी में नजर आया। निवासी दिनेश पंचौली ने बताया कि पहले उन्होंने आवाजें सुनकर सोचा बंदर होंगे, लेकिन फिर देखा कि लेपर्ड पड़ोस की छत पर छलांग लगा रहा था।

जानवर ने वहां से कूदकर कल्याण कॉलोनी की गली में प्रवेश किया। आसपास के लोग डर गए और वन विभाग को तुरंत सूचना दी गई। घटना ने शहर में वन्य जीवों की अनपेक्षित गतिविधियों पर चिंता बढ़ा दी।

शावक को मौत के मुंह से बचाया

अचरोल के रूंडल नाका क्षेत्र में वन्यजीव शावक कुएं में गिर गया था। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने पिंजरे में बैठकर शावक को सुरक्षित बाहर निकाला।

शावक को बाद में नाहरगढ़ जैविक उद्यान के रेस्क्यू सेंटर में लाया गया। वहां उसकी ऑब्ज़र्वेशन और देखभाल की जा रही है। यह घटना वन्यजीवों की सुरक्षा और शहरवासियों के लिए सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

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