दिल्ली में हेल्थ अलर्ट: सांस और दिल की बीमारियों से बढ़ती मौतें

दिल्ली में हेल्थ अलर्ट: सांस और दिल की बीमारियों से बढ़ती मौतें

दिल्ली सरकार की ताजा हेल्थ रिपोर्ट में 2024 में मौतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें सांस और दिल से जुड़ी बीमारियां सबसे बड़ी वजह बनीं. जन्म दर में गिरावट और मृत्यु दर में वृद्धि स्वास्थ्य चुनौतियों को उजागर करती है. शिशु मृत्यु दर में मामूली सुधार के बावजूद सार्वजनिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है.

Delhi Health Report 2024: दिल्ली सरकार की ताजा हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में राजधानी में कुल 1,39,480 मौतें हुईं, जो 2023 की 1,32,391 मौतों से ज्यादा हैं. रिपोर्ट में सामने आया कि सांस और दिल से जुड़ी बीमारियां सबसे प्रमुख कारण रही हैं, जबकि जन्म दर 14 और मृत्यु दर 6.37 दर्ज की गई. पांच साल से कम उम्र के बच्चों में 99.1 प्रतिशत के पास जन्म प्रमाण पत्र है, लेकिन बढ़ती मौतों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार की जरूरत को और स्पष्ट कर दिया है.

सांस और दिल की बीमारियां बढ़ा रही चिंता

सांस संबंधी बीमारियों में अस्थमा, निमोनिया, फेफड़ों का कैंसर और तपेदिक प्रमुख हैं. पिछले कुछ सालों में इनसे होने वाली मौतों में निरंतर वृद्धि हुई है, जो दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों को उजागर करती है.

दिल और रक्त संचार संबंधी मौतें भी बढ़कर 21,262 हो गई हैं, जिसमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और धमनी अवरुद्ध जैसी बीमारियां शामिल हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, शहरी जीवनशैली, प्रदूषण और खान-पान की आदतें इन बढ़ती मौतों का मुख्य कारण हैं.

शिशु मृत्यु दर और अन्य स्वास्थ्य आंकड़े

दिल्ली में शिशु मृत्यु दर (IMR) में मामूली सुधार हुआ है, जो 22.4 प्रति 1,000 जीवित जन्म दर्ज की गई, जबकि 2023 में यह 23.61 थी. संक्रामक और परजीवी रोगों से मौतों में गिरावट आई है, जो 16,060 दर्ज की गई.

राजधानी में 2024 में कुल 3,06,459 जन्म दर्ज किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 8,628 कम हैं. अगले 10 सालों में दिल्ली की जनसंख्या 2.65 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे स्वास्थ्य और संसाधन प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ सकती हैं.

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