डोप टेस्ट में फेल हुए SMAT-2025 के खिलाड़ी और महिला एथलीट, NADA ने की कार्रवाई

डोप टेस्ट में फेल हुए SMAT-2025 के खिलाड़ी और महिला एथलीट, NADA ने की कार्रवाई

खेल जगत में डोपिंग के मामले दुर्लभ होते हैं, लेकिन हाल ही में दो खिलाड़ियों के डोप टेस्ट फेल होने की खबरें सामने आई हैं। उत्तराखंड के तेज गेंदबाज राजन कुमार और तमिलनाडु की फर्राटा धाविका धनलक्ष्मी शेखर पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने कड़ी कार्रवाई की है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: क्रिकेट से जुड़े एक दुर्लभ मामले में उत्तराखंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज राजन कुमार डोप जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। 29 वर्षीय इस क्रिकेटर के नमूने में ‘एनाबॉलिक स्टेरॉइड’ ड्रोस्टानोलोन और मेटेनोलोन के साथ-साथ क्लोमीफीन भी पाया गया, जिसका सामान्यतः महिलाओं में बांझपन के इलाज में उपयोग किया जाता है, लेकिन पुरुषों में यह टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने की क्षमता भी रखता है।

राजन कुमार ने अपना पिछला मैच आठ दिसंबर को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप डी में दिल्ली के खिलाफ खेला था। ध्यान देने वाली बात यह है कि क्रिकेटरों के डोप जांच में विफल होने के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, इसलिए यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है।

उत्तराखंड के तेज गेंदबाज राजन कुमार पर कार्रवाई

उत्तराखंड के 29 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज राजन कुमार का नमूना हाल ही में डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाया गया। उनके नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉयड ड्रोस्टानोलोन और मेटेनोलोन के अलावा क्लोमीफीन पाया गया। क्लोमीफीन आमतौर पर महिलाओं में बांझपन के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन पुरुष खिलाड़ियों में यह टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने की क्षमता रखता है।

राजन कुमार ने अपना पिछला मैच 8 दिसंबर को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप डी मैच में दिल्ली के खिलाफ खेला था। नाडा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें अस्थायी निलंबन की सूची में डाल दिया है। क्रिकेट में डोपिंग के मामले दुर्लभ हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर अंशुला राव 2020 में डोपिंग के लिए पकड़े गए थे, जबकि पृथ्वी शॉ 2019 में पॉजिटिव पाए गए थे। ऐसे मामले इंडियन क्रिकेट में काफी कम होते हैं, इसलिए राजन कुमार का मामला विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है।

धनलक्ष्मी शेखर को दूसरी बार सजा

तमिलनाडु की फर्राटा धाविका धनलक्ष्मी शेखर के करियर में यह दूसरा डोपिंग मामला है। पिछले साल ही वह अपने करियर में दूसरी बार डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई थीं। नाडा ने उन्हें नौ सितंबर 2025 से आठ साल का प्रतिबंध लगाया। धनलक्ष्मी के नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉयड ड्रोस्टानोलोन पाया गया। यह उनका दूसरा डोपिंग अपराध था। इससे पहले 2022 में उन्हें डोपिंग के लिए तीन साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था। 2025 में खेल में वापसी करने के बाद उन्हें फिर से डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाया गया।

अन्य खेलों के खिलाड़ियों में डोपिंग के मामले

हालिया नाडा की रिपोर्ट में कई अन्य खिलाड़ियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें शामिल हैं:

  • नोंगमैथेम रतनबाला देवी (फुटबॉल) – उनके नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मेटांडिएनोन पाया गया।
  • गौरव पटेल (एथलेटिक्स)
  • खुशबू कुमारी (भारोत्तोलन)
  • अचलवीर करवासरा (मुक्केबाजी)
  • सिद्धांत शर्मा (पोलो)

ये सभी खिलाड़ी अस्थायी निलंबन की सूची में हैं। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने स्पष्ट किया है कि खेल में ईमानदारी और निष्पक्षता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। डोपिंग के मामले न केवल खिलाड़ियों के करियर को प्रभावित करते हैं, बल्कि खेल की छवि पर भी असर डालते हैं। नाडा लगातार खिलाड़ियों को डोपिंग से बचने और सख्त नियमों का पालन करने के लिए चेतावनी देती रहती है।

 

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