भारतीय सेना ने अग्निवीरों के लिए नया नियम लागू किया है, जिसके अनुसार स्थायी सैनिक बनने से पहले शादी करना प्रतिबंधित होगा। यदि कोई अग्निवीर इस दौरान विवाह करता है, तो उसे स्थायी नियुक्ति से बाहर कर दिया जाएगा। यह कदम चयन प्रक्रिया की शुद्धता और अनुशासन बनाए रखने के लिए लिया गया है।
अग्निवीरों के लिए नया नियम: भारतीय सेना ने अग्निवीरों के स्थायीकरण को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार, कोई भी अग्निवीर सेना में परमानेंट नियुक्ति मिलने से पहले शादी नहीं कर सकता। नियम सभी 2022 बैच के अग्निवीरों पर लागू होगा, जिनकी चार साल की सेवा जून और जुलाई 2026 में पूरी होने वाली है। यह निर्णय उनके निजी जीवन और करियर को सीधे प्रभावित करता है और स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया में मेरिट और प्रदर्शन को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।
स्थायी नियुक्ति से पहले शादी पर रोक
नए नियम के अनुसार, अग्निवीरों को स्थायी सैनिक बनने तक विवाह से दूर रहना होगा। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद स्थायीकरण की प्रक्रिया में आम तौर पर 4 से 6 महीने का समय लगता है। इस अवधि के दौरान किसी भी अग्निवीर को विवाह नहीं करना चाहिए, वरना वह स्थायी नियुक्ति के लिए अयोग्य हो जाएगा।
सेना ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का पालन करना उम्मीदवारों के लिए जरूरी है। जो अग्निवीर स्थायी सैनिक के रूप में चयनित होंगे, उन्हें नियुक्ति मिलने के बाद शादी करने की पूरी छूट होगी। इस समय उनके निजी फैसलों पर कोई पाबंदी लागू नहीं होगी।

अग्निवीर योजना और चयन प्रक्रिया
अग्निवीर योजना की शुरुआत 2022 में हुई थी। पहले बैच की चार साल की सेवा अब जून और जुलाई 2026 में समाप्त होने जा रही है। पहले बैच में लगभग 20 हजार युवा शामिल थे, जिनमें से करीब 25 प्रतिशत ही भारतीय सेना में स्थायी सैनिक बन पाएंगे।
स्थायी सैनिक बनने के लिए चयन पूरी तरह मेरिट और प्रदर्शन पर आधारित होगा। इसमें शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और अन्य मानक शामिल हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होने तक अग्निवीरों को धैर्य रखना होगा और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।









