एग फ्रीजिंग महिलाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह भविष्य की फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने का विकल्प देता है। करियर, पढ़ाई, निजी कारणों या मेडिकल जरूरतों के चलते महिलाएं इस प्रक्रिया को चुन रही हैं। सही उम्र में एग फ्रीजिंग कराने से सुरक्षित प्रेग्नेंसी की संभावनाएं बेहतर होती हैं।
Egg Freezing in Women: आज के समय में कई महिलाएं करियर, पढ़ाई या निजी कारणों से मां बनने का फैसला टालना चाहती हैं, ऐसे में एग फ्रीजिंग एक अहम विकल्प बनकर उभरा है। यह प्रक्रिया भारत समेत दुनियाभर में अपनाई जा रही है, जिसमें महिलाएं अपने अंडों को सुरक्षित रख सकती हैं ताकि भविष्य में प्रेग्नेंसी की संभावना बनी रहे। डॉक्टरों के अनुसार 25 से 35 साल की उम्र सबसे उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इस समय अंडों की क्वालिटी बेहतर होती है और सफलता की संभावना ज्यादा रहती है।
क्यों बढ़ रहा है एग फ्रीजिंग का चलन
एग फ्रीजिंग का उद्देश्य भविष्य में सुरक्षित प्रेग्नेंसी की संभावना बनाए रखना है। जो महिलाएं अभी बच्चे की प्लानिंग नहीं करना चाहतीं, वे अपने अंडों को सुरक्षित रख सकती हैं। करियर ग्रोथ, पढ़ाई, सही पार्टनर का इंतजार या किसी गंभीर बीमारी का इलाज जैसे कारणों से महिलाएं इस विकल्प की ओर बढ़ रही हैं। IVF की जरूरत पड़ने पर फ्रीज किए गए अंडे भी मददगार साबित होते हैं।

किस उम्र में करवाना होता है सबसे बेहतर
डॉक्टरों के अनुसार 25 से 35 साल की उम्र एग फ्रीजिंग के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस दौरान अंडों की संख्या और क्वालिटी बेहतर होती है, जिससे सक्सेस रेट ज्यादा रहता है। 38 साल के बाद भी एग फ्रीजिंग संभव है, लेकिन सफलता की संभावना घट जाती है और कई साइकल्स की जरूरत पड़ सकती है। 40 साल के बाद इसे कराने से पहले विशेषज्ञ सलाह जरूरी मानी जाती है।
क्या है प्रोसेस और कितना आता है खर्च
एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया करीब 10 से 14 दिन में पूरी होती है। इसमें कंसल्टेशन, हार्मोन इंजेक्शन के जरिए ओवेरियन स्टिमुलेशन, एग रिट्रीवल और फिर अंडों को फ्रीज किया जाता है। भारत में इसका खर्च आमतौर पर 1.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति साइकल तक हो सकता है। उम्र बढ़ने पर ज्यादा साइकल्स की जरूरत पड़ती है, जिससे खर्च भी बढ़ सकता है।













