एनपीएस वात्सल्य योजना अपडेट! फंड मैनेजर्स को मिली पूरी रकम इक्विटी में निवेश की अनुमति

एनपीएस वात्सल्य योजना अपडेट! फंड मैनेजर्स को मिली पूरी रकम इक्विटी में निवेश की अनुमति

एनपीएस वात्सल्य योजना में अब फंड मैनेजर्स पूरी रकम 100% इक्विटी में निवेश कर सकते हैं। यह बदलाव लंबी अवधि में बच्चों की पेंशन बढ़ाने और उच्च रिटर्न पाने के लिए फायदेमंद साबित होगा।

Business: बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एनपीएस वात्सल्य योजना अब और अधिक आकर्षक विकल्पों के साथ पेश की गई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने योजना में अहम बदलाव करते हुए अब पेंशन फंड्स को 100 प्रतिशत तक रकम इक्विटी में निवेश करने की अनुमति दे दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव लंबी अवधि में बच्चों के पेंशन कॉर्पस को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकता है। इससे माता-पिता अब अपनी बचत को उच्च रिटर्न के लिए इक्विटी में भी लगा सकेंगे, जबकि योजना की मूल सुरक्षा और नियमों की पालना बनी रहेगी।

नई निवेश रणनीति से फंड मैनेजर्स को मिली लचीलापन

23 फरवरी 2026 को PFRDA द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार अब पेंशन फंड अपनी निवेश रणनीति को ज्यादा लचीले तरीके से तय कर सकेंगे। पहले जहां संपत्ति आवंटन को लेकर कुछ सीमाएं थीं, अब फंड मैनेजर्स तय नियमों के दायरे में रहकर पूरी रकम इक्विटी में भी निवेश कर सकते हैं।

एनपीएस वात्सल्य दिशा-निर्देश 2025 के पैरा 12 के अनुसार हर पेंशन फंड अपनी निवेश शैली चुन सकता है। वे चाहें तो नियामक द्वारा सुझाया गया सामान्य एसेट एलोकेशन अपना सकते हैं या अपनी अलग रणनीति बना सकते हैं। इसका मतलब है कि अलग-अलग फंड्स का प्रदर्शन और जोखिम प्रोफाइल भी अलग-अलग होगा।

इस लचीलेपन से निवेशकों को उच्च रिटर्न की संभावना के साथ फंड मैनेजर्स को बेहतर प्रबंधन करने का अवसर मिलेगा।

डेटा शेयरिंग से रणनीति में सुधार

नए नियमों के तहत सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां पेंशन फंड्स को कुछ जरूरी और सीमित जानकारी प्रदान करेंगी। इसमें माता-पिता का विवरण, बच्चे का लिंग, जमा की जा रही राशि और उनका राज्य या क्षेत्र शामिल होगा।

इस डेटा की मदद से पेंशन फंड्स समझ पाएंगे कि किस क्षेत्र या वर्ग में योजना का अधिक इस्तेमाल हो रहा है। इसके आधार पर वे सही जानकारी सही परिवारों तक पहुंचा सकेंगे और योजना में ज्यादा लोगों को शामिल कर सकेंगे।

डेटा-आधारित निर्णय से न केवल प्रदर्शन बेहतर होगा बल्कि जरूरत पड़ने पर समय रहते सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकेंगे।

योजना को मजबूत और पारदर्शी बनाने की पहल

PFRDA ने साफ किया है कि इन बदलावों का उद्देश्य एनपीएस वात्सल्य योजना को अधिक आकर्षक, पारदर्शी और टिकाऊ बनाना है। नई व्यवस्था से फंड मैनेजर्स को निवेश में लचीलापन मिलेगा और निवेशक अपनी राशि को बेहतर तरीके से बढ़ा सकेंगे।

साथ ही नियामक ने चेतावनी दी है कि कोई भी पेंशन फंड या मध्यस्थ अगर नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसका मकसद निवेशकों की सुरक्षा और योजना की विश्वसनीयता को बनाए रखना है।

एनपीएस वात्सल्य योजना क्या है?

एनपीएस वात्सल्य योजना 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए पेंशन योजना है, जिसे माता-पिता संचालित करते हैं। यह लंबी अवधि के निवेश को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है। योजना में अब 100 प्रतिशत इक्विटी निवेश का विकल्प दिया गया है, जिससे उच्च रिटर्न की संभावना बढ़ती है।

हालांकि, उच्च रिटर्न के साथ इक्विटी में निवेश का जोखिम भी जुड़ा है। निवेशक इस विकल्प को चुनते समय अपने जोखिम सहनशीलता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखें।

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