Epstein Files Release: एपस्टीन फाइल्स की सार्वजनिक रिलीज में सांसदों का दखल नहीं, अमेरिकी न्याय विभाग का स्पष्ट रुख

Epstein Files Release: एपस्टीन फाइल्स की सार्वजनिक रिलीज में सांसदों का दखल नहीं, अमेरिकी न्याय विभाग का स्पष्ट रुख

अमेरिका में चर्चित जेफरी एपस्टीन ट्रैफिकिंग मामले से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने को लेकर एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस के सदस्य एपस्टीन फाइल्स की रिलीज प्रक्रिया में अदालत के माध्यम से किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

वॉशिंगटन: अमेरिका में कुख्यात जेफरी एपस्टीन सेक्स ट्रैफिकिंग केस (Jeffrey Epstein Trafficking Case) से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने को लेकर एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice – DOJ) ने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस के सदस्य एपस्टीन फाइल्स की रिलीज प्रक्रिया में न्यायालय के माध्यम से हस्तक्षेप नहीं कर सकते। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अदालत को किसी विशेष निगरानी तंत्र की नियुक्ति का अधिकार नहीं है।

यह बयान उस समय आया है जब एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों की धीमी रिलीज को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। यह मामला न केवल अमेरिका, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानव तस्करी, यौन शोषण और सत्ता के दुरुपयोग जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा हुआ है।

जस्टिस डिपार्टमेंट का कानूनी स्पष्टीकरण

न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित शीर्ष संघीय अभियोजक और यूएस अटॉर्नी जे क्लेटन (Jay Clayton) ने अदालत को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में कहा कि जज के पास यह अधिकार नहीं है कि वह किसी न्यूट्रल एक्सपर्ट या स्पेशल मास्टर की नियुक्ति करें, जो एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल (Ghislaine Maxwell) से जुड़े दस्तावेजों की सार्वजनिक रिलीज की निगरानी करे।

न्याय विभाग के अनुसार, यह मामला पूरी तरह से आपराधिक न्याय प्रक्रिया के दायरे में आता है और इसमें ऐसे किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जा सकती, जो न्यायिक सीमाओं से बाहर हो।

दो सांसदों की मांग और आरोप

यह पत्र अमेरिकी सांसद रो खन्ना (डेमोक्रेटिक पार्टी) और थॉमस मैसी (रिपब्लिकन पार्टी) की ओर से उठाई गई मांग के जवाब में भेजा गया है। दोनों सांसदों ने आरोप लगाया था कि एपस्टीन फाइल्स की बेहद धीमी सार्वजनिक रिलीज कानून का उल्लंघन है और इससे पीड़ितों को बार-बार मानसिक आघात (Re-traumatization) का सामना करना पड़ रहा है।

सांसदों का तर्क था कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अदालत को दस्तावेजों की निगरानी हेतु एक स्वतंत्र विशेषज्ञ नियुक्त करना चाहिए। हालांकि, DOJ ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि ये सांसद इस आपराधिक मामले के पक्षकार नहीं हैं, इसलिए उन्हें अदालत से इस तरह की “असाधारण राहत” मांगने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

अदालत की सीमाएं 

न्याय विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जज पॉल ए. एंगेलमेयर (Judge Paul A. Engelmayer) के पास न तो स्पेशल मास्टर नियुक्त करने का अधिकार है और न ही वे इस प्रक्रिया को निर्देशित कर सकते हैं। DOJ के अनुसार, दस्तावेजों की रिलीज एक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया है, जिसे स्थापित नियमों के तहत ही पूरा किया जाना चाहिए।

हालांकि, विभाग ने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही अदालत को फाइल्स की रिलीज को लेकर प्रगति रिपोर्ट (Status Update) सौंपेगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

अब तक कितनी फाइल्स हुईं सार्वजनिक?

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अब तक करीब 12,000 दस्तावेज सार्वजनिक किए जा चुके हैं, जबकि कुल फाइलों की संख्या 20 लाख (2 Million) से अधिक है। दस्तावेजों की रिलीज में देरी का मुख्य कारण पीड़ितों की पहचान, निजी जानकारी और संवेदनशील विवरणों की सुरक्षा बताया गया है।DOJ का कहना है कि कई फाइल्स में नाम, पते और अन्य गोपनीय जानकारियां शामिल हैं, जिन्हें सार्वजनिक करने से पहले संशोधित (Redaction) करना अनिवार्य है।

गौरतलब है कि जेफरी एपस्टीन, जो एक प्रभावशाली फाइनेंसर था, पर नाबालिगों की सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप लगे थे। उसकी 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक रूप से आत्महत्या बताया गया। हालांकि, उसकी मौत को लेकर आज भी कई सवाल उठते हैं।

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