एशेज 2025-26: सिडनी स्टेडियम में दिखा भावुक क्षण, खिलाड़ियों ने बहादुरों को दिया गार्ड ऑफ ऑनर

एशेज 2025-26: सिडनी स्टेडियम में दिखा भावुक क्षण, खिलाड़ियों ने बहादुरों को दिया गार्ड ऑफ ऑनर

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में एशेज 2025-26 के पांचवें और अंतिम टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने बहादुर लोगों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शक खड़े होकर तालियां बजाते हुए उनका सम्मान करते नजर आए।

Ashes Series: सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच से पहले एक भावुक पल देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने हाल ही में हुए बोंडी अटैक में जख्मी हुए कुछ बहादुर लोगों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पूरे स्टेडियम में मौजूद दर्शक खड़े होकर तालियां बजाते हुए इन लोगों का सम्मान किया। यह नजारा न केवल खिलाड़ियों और दर्शकों को बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर गया।

इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि किस प्रकार इस कार्यक्रम के जरिए हमले में जख्मी हुए लोगों को सम्मानित किया गया और किस तरह खिलाड़ियों ने उनकी बहादुरी को सराहा।

बोंडी अटैक और देश में गम का माहौल

पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर कुछ हमलावरों ने अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। पूरे ऑस्ट्रेलिया में इस घटना को लेकर गम का माहौल था। बोंडी अटैक ने लोगों के दिलों को झकझोर दिया और इस हमले की यादें सभी के लिए ताजा रही।

एशेज सीरीज के आखिरी टेस्ट से पहले खिलाड़ियों और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने इस हमले की याद में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया। इसका मकसद घायल लोगों को सम्मानित करना और जिन लोगों की इस हमले में जान गई उन्हें याद करना था।

खिलाड़ियों ने किया गार्ड ऑफ ऑनर

मैच की शुरुआत से पहले ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाड़ी लाइन में खड़े हुए। इसके बाद हमले में जख्मी हुए लोग मैदान पर एक-एक करके आए। खिलाड़ियों ने उनका हाथ मिलाकर स्वागत किया और पूरे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।

सबसे पहले मैदान पर कदम रखा अहमद अल अहमद ने। वह अपने हाथ में स्लिंग के साथ आए थे। अहमद सीरिया में पैदा हुए हैं और बोंडी अटैक के दौरान उन्होंने एक बंदूकधारी को घेरने की कोशिश की थी, जिसमें वह घायल हो गए। उनके साथ छाया डेडोन भी मैदान पर आईं, जिन्होंने हमले के दौरान दो बच्चों को बचाने की कोशिश में अपना पैर चोटिल किया था। डेडोन बैसाखी के सहारे खड़ी थीं।

कार्यक्रम में किए गए सम्मान

जैसे ही कार्यक्रम आगे बढ़ा, ग्राउंड की स्क्रीन पर हमले में मारे गए सभी 15 लोगों के नाम दिखाई दिए। ग्राउंड के एनाउंसर ने उन लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने हमले में घायल लोगों की मदद की और उन्हें ठीक किया। इस दौरान राष्ट्रीय गान भी बजाया गया।

अहमद और डेडोन से न्यू साउथ वेल्स के स्पोर्ट्स मिनिस्टर स्टीव कैम्पर और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने मुलाकात की। इस मुलाकात में खिलाड़ियों और अधिकारियों ने उनकी बहादुरी की सराहना की और उनका धन्यवाद किया।

ऑस्ट्रेलियाई टीम का भावुक पल

इस मैच के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने वाले ऑस्ट्रेलिया के इस्मान ख्वाजा ने टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने अहमद और डेडोन से हाथ मिलाया और उनके साहस की तारीफ की। यह पल टीम और दर्शकों दोनों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था।

स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी खड़े होकर इन बहादुर लोगों का सम्मान कर रहे थे। इस तरह का सम्मान न केवल जख्मी लोगों को प्रेरित करता है बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश भी देता है कि संकट की स्थिति में इंसानियत और बहादुरी को सराहा जाना चाहिए।

बहादुरों के लिए स्टेडियम का समर्थन

इस समारोह से यह साफ संदेश गया कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं है। क्रिकेट जैसी बड़ी स्पोर्ट इवेंट के जरिए भी समाज में जागरूकता और सम्मान फैलाया जा सकता है। स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक ने इस बहादुरी की सराहना की और उनके लिए तालियां बजाई।

खिलाड़ियों ने भी इस मौके पर अपनी इंसानियत दिखाई। जो रूट, बेन स्टोक्स और स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी जख्मी लोगों के पास जाकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे। उनके साथ ऑस्ट्रेलियाई और इंग्लिश टीम के अन्य खिलाड़ी भी मैदान में मौजूद थे।

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