गिरावट के बाद मौका, क्या PVR Inox बनेगा निवेशकों का अगला दांव, इस स्टॉक पर खास नजर

गिरावट के बाद मौका, क्या PVR Inox बनेगा निवेशकों का अगला दांव, इस स्टॉक पर खास नजर

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने PVR Inox पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज के मुताबिक स्टॉक का कंसोलिडेशन खत्म हो चुका है और मजबूत फिल्म लाइनअप के दम पर इसमें 32% तक की तेजी आ सकती है।

Stock Market: शेयर बाजार में तेजी के माहौल के बीच एक मीडिया स्टॉक ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। ब्रोकरेज हाउस कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि इस स्टॉक का लंबा कंसोलिडेशन फेस अब खत्म हो चुका है और आगे इसमें तेज उछाल देखने को मिल सकता है। बात हो रही है मल्टीप्लेक्स ऑपरेटर पीवीआर आईनॉक्स (PVR Inox) की, जिस पर ब्रोकरेज ने बुलिश आउटलुक दिया है और 32 प्रतिशत तक के संभावित रिटर्न की उम्मीद जताई है।

बाजार की चाल

एशियाई बाजारों में मजबूती के बीच भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार 2 जनवरी को हरे निशान में खुले। ऑटो और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ दिखा। इसी माहौल के बीच ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर फोकस बढ़ा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के बड़े नाम पीवीआर आईनॉक्स को लेकर सकारात्मक राय दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर ने अब अपना कंसोलिडेशन फेस पूरा कर लिया है और आगे यह नई उड़ान भर सकता है।

पीवीआर आईनॉक्स पर ब्रोकरेज का बुलिश आउटलुक

कोटक इक्विटीज ने पीवीआर आईनॉक्स पर अपनी BUY रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक के लिए 1350 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा स्तरों की बात करें तो पीवीआर आईनॉक्स के शेयर गुरुवार को 1016 रुपये पर बंद हुए थे।

इस तरह ब्रोकरेज के अनुमान के अनुसार स्टॉक में यहां से करीब 32 प्रतिशत तक का अपसाइड देखने को मिल सकता है। यह अनुमान उन निवेशकों के लिए खास है जो मीडियम से लॉन्ग टर्म में अच्छे रिटर्न की तलाश कर रहे हैं।

कंसोलिडेशन फेस क्यों माना जा रहा है पूरा

ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ समय से पीवीआर आईनॉक्स का शेयर सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था। इस दौरान स्टॉक में ज्यादा तेजी या बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली। इसी को टेक्निकल भाषा में कंसोलिडेशन फेस कहा जाता है।

कोटक इक्विटीज का मानना है कि यह चरण अब पूरा हो चुका है। शेयर में हालिया गिरावट जरूरत से ज्यादा रही है और मौजूदा भाव पर वैल्यूएशन आकर्षक नजर आता है। जब किसी स्टॉक का कंसोलिडेशन खत्म होता है, तो अक्सर उसके बाद नई ट्रेंड की शुरुआत होती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि पीवीआर आईनॉक्स में अब ऊपर की तरफ मूवमेंट देखने को मिल सकती है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और बिजनेस आउटलुक

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तीसरी तिमाही यानी Q3 में इंडस्ट्री का ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दूसरी तिमाही Q2 के लगभग बराबर रहा। हालांकि कुछ बड़ी फिल्मों से जितनी उम्मीद थी, वैसा प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। उदाहरण के तौर पर अवतार फिल्म का कलेक्शन उम्मीद से कमजोर रहा।

इसके बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि आगे की तस्वीर ज्यादा बेहतर है। चौथी तिमाही यानी Q4 के लिए फिल्मों की लाइन अप मजबूत दिखाई दे रही है। बड़े बैनर और लोकप्रिय स्टार्स की फिल्में रिलीज होने वाली हैं, जिससे थिएटर बिजनेस को सपोर्ट मिल सकता है।

FY26 के लिए मजबूत उम्मीदें

कोटक इक्विटीज का कहना है कि मजबूत फिल्म लाइन अप की वजह से वित्त वर्ष 2026 यानी FY26 के लिए EBITDA अनुमान में बढ़त का जोखिम बन सकता है। आसान शब्दों में कहें तो कंपनी की कमाई उम्मीद से बेहतर रह सकती है।

ब्रोकरेज को यह भी भरोसा है कि सिनेमा देखने का ट्रेंड धीरे धीरे सुधर रहा है। कोविड के बाद थिएटर बिजनेस को लेकर जो अनिश्चितता थी, वह अब कम हो रही है। दर्शक दोबारा बड़े पर्दे की ओर लौट रहे हैं और इसका सीधा फायदा पीवीआर आईनॉक्स जैसी कंपनियों को मिल सकता है।

फ्री कैश फ्लो और कैपिटल लाइट मॉडल

ब्रोकरेज रिपोर्ट में एक अहम पॉइंट यह भी है कि पीवीआर आईनॉक्स का कैपिटल लाइट एक्सपेंशन मॉडल फ्री कैश फ्लो को मजबूत बनाए रखेगा। इसका मतलब है कि कंपनी ज्यादा पूंजी खर्च किए बिना अपने बिजनेस का विस्तार कर रही है।

जब किसी कंपनी का फ्री कैश फ्लो मजबूत होता है, तो वह कर्ज घटाने, नए निवेश करने और शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएट करने में सक्षम होती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को मौजूदा गिरावट के बावजूद कंपनी के फंडामेंटल्स पर भरोसा है।

शेयर का पिछला प्रदर्शन

अगर पीवीआर आईनॉक्स के शेयर के पुराने प्रदर्शन पर नजर डालें, तो यह फिलहाल अपने 52 वीक हाई 1,331.40 रुपये से करीब 24 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है। वहीं इसका 52 वीक लो 825.65 रुपये रहा है।

समयावधि के हिसाब से देखें तो पिछले एक महीने में शेयर करीब 6.59 प्रतिशत और तीन महीने में 6.08 प्रतिशत गिरा है। छह महीने में इसमें 7.50 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है।

लंबी अवधि में तस्वीर थोड़ी कमजोर रही है। एक साल में शेयर करीब 21.87 प्रतिशत, दो साल में 38.13 प्रतिशत, तीन साल में 40.27 प्रतिशत और पांच साल में 23.11 प्रतिशत टूट चुका है।

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