Google ने अपने लोकप्रिय Google Weather मिनी-ऐप को बंद कर दिया है, जिससे भारत समेत दुनिया भर के लाखों एंड्रॉयड यूज़र्स का मौसम देखने का अनुभव प्रभावित हुआ है। अब मौसम की जानकारी सीधे गूगल सर्च रिजल्ट पेज में दिखाई देगी। Pixel यूज़र्स पर असर कम है, जबकि नॉन-पिक्सल फोन वाले यूज़र्स को पुराने सरल इंटरफेस की कमी महसूस होगी।
Google Weather Update: Google ने हाल ही में अपने लोकप्रिय Google Weather मिनी-ऐप को बंद कर दिया, जिससे भारत सहित दुनिया भर के लाखों एंड्रॉयड यूज़र्स प्रभावित हुए। अब यूज़र्स मौसम की जानकारी सीधे गूगल सर्च रिजल्ट पेज पर देख सकेंगे। यह बदलाव छोटे फीचर्स को सर्च प्लेटफॉर्म में एकीकृत करने और उपयोगकर्ताओं के अनुभव को केंद्रीकृत करने के लिए किया गया है, जबकि Pixel फोन यूज़र्स के लिए पहले से मौजूद Pixel Weather ऐप की वजह से असर सीमित रहेगा।
Google ने बंद किया लोकप्रिय Google Weather ऐप
Google ने एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए Google Weather मिनी-ऐप बंद कर दिया है, जो लंबे समय से मौसम देखने का आसान और तेज तरीका माना जाता था। अब यह फीचर सीधे गूगल सर्च रिजल्ट पेज में दिखेगा। भारत समेत लाखों यूज़र्स पर इसका सीधा असर पड़ा है, खासकर उन लोगों पर जो नॉन-पिक्सल एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करते हैं।
कंपनी ने यह बदलाव छोटे फीचर्स को सर्च प्लेटफॉर्म में समाहित करने की रणनीति के तहत किया है। इससे सिस्टम एकीकृत होगा, लेकिन पुराने सरल और फोकस्ड अनुभव को यूज़र्स मिस कर सकते हैं। Pixel फोन यूज़र्स पर इसका असर कम है, क्योंकि उनके पास अलग Pixel Weather ऐप पहले से मौजूद है।

नए सर्च बेस्ड इंटरफेस की खासियत
नई व्यवस्था में मौसम की जानकारी अब सीधे सर्च रिजल्ट पेज पर उपलब्ध होगी। यूज़र प्रति घंटे और 10 दिन तक का पूर्वानुमान, एयर क्वालिटी डेटा और विस्तृत मौसम रिपोर्ट देख सकते हैं।
हालांकि जानकारी अधिक है, लेकिन साथ ही दूसरे लिंक और संबंधित सर्च सुझाव भी दिखाई देंगे। इससे अनुभव थोड़ा व्यस्त और कम फोकस्ड हो सकता है, जबकि पुराने Google Weather की साफ-सुथरी और एनिमेटेड Froggy बैकग्राउंड वाली इंटरफ़ेस अब उपलब्ध नहीं है।
यूज़र्स पर प्रभाव और प्रतिक्रिया
नॉन-पिक्सल एंड्रॉयड फोन वाले यूज़र्स के लिए यह बदलाव सबसे बड़ा झटका है, क्योंकि वे नियमित रूप से पुराने वेदर शॉर्टकट का उपयोग करते थे। वहीं, Pixel फोन यूज़र्स पर असर सीमित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Google का यह कदम प्लेटफॉर्म को एकीकृत करने और छोटे फीचर्स को हटाकर मुख्य सर्च अनुभव को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। यूज़र्स को नई सेटिंग्स के अनुसार अनुकूल होना होगा।










