नेपाल के संखुवासभा जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया। झटके कई पूर्वी जिलों में महसूस किए गए, जिससे लोग घरों से बाहर निकल आए। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
Earthquake: नेपाल के पूर्वी हिस्से में शुक्रवार तड़के आए भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई। अचानक आए झटकों से कई जिलों में धरती कांपी और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन झटकों की तीव्रता ने लोगों को डराने के लिए काफी था।
संखुवासभा जिले में रहा केंद्र
भूकंप का केंद्र नेपाल के संखुवासभा जिला में स्थित था। यह इलाका काठमांडू से लगभग 400 किलोमीटर पूर्व में पड़ता है। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार, झटके सुबह 3 बजकर 18 मिनट पर महसूस किए गए।
जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक धरती हिलने लगी। कुछ सेकंड तक कंपन जारी रहा, जिससे लोग घबराकर खुले स्थानों की ओर भागे। केंद्र संखुवासभा-ताप्लेजंग सीमा क्षेत्र के पास टोपके गोला इलाके में बताया गया है।
इन जिलों में भी महसूस हुए झटके
संखुवासभा के अलावा आसपास के कई जिलों में भी कंपन महसूस किया गया। भोजपुर जिला, पंचथर जिला, तेहरथुम जिला और ताप्लेजंग जिला के लोगों ने भी भूकंप के झटकों की पुष्टि की।
इन इलाकों में कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय तक खुले मैदानों में ही रहे। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
काठमांडू से दूरी पर असर
भूकंप का केंद्र राजधानी से काफी दूरी पर था, फिर भी पूर्वी नेपाल के कई हिस्सों में इसका असर साफ दिखाई दिया। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग पहले से ही भूकंप के खतरे को लेकर सतर्क रहते हैं। नेपाल भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां हल्के से मध्यम तीव्रता के झटके भी लोगों में चिंता बढ़ा देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि 4.7 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर हल्का से मध्यम श्रेणी में आता है, लेकिन अगर इसका केंद्र सतह के करीब हो तो झटके ज्यादा महसूस होते हैं।
राष्ट्रीय भूकंप केंद्र की जानकारी
नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र ने भूकंप के समय और तीव्रता की आधिकारिक पुष्टि की। केंद्र के अनुसार, भूकंप की गहराई सामान्य श्रेणी में थी, जिससे व्यापक नुकसान की संभावना कम रही।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी बड़े ढांचे के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर निरीक्षण जारी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।
सिक्किम में भी महसूस हुए झटके
नेपाल में आए इस भूकंप से पहले सिक्किम में भी गुरुवार को दो बार धरती कांपी थी। पहली बार 4.6 तीव्रता का भूकंप सुबह 11 बजकर 24 मिनट पर दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसका केंद्र ग्यालशिंग जिला के युक्सोम से चार किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
इसके बाद दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर 3.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। इस बार केंद्र गंगटोक से 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
सिक्किम और नेपाल दोनों ही हिमालयी क्षेत्र में स्थित हैं, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण भूकंप की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं।
लोगों में दहशत का माहौल
तड़के आए झटकों ने लोगों को अचानक नींद से जगा दिया। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर कुछ समय तक घरों से बाहर रहना ही सुरक्षित समझा। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को सावधानी बरतने और आफ्टरशॉक की संभावना को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।











