डेस्क जॉब और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से गर्दन दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है. विशेषज्ञों के अनुसार लगातार गर्दन में दर्द, सिर भारी रहना और कंधों में जकड़न Cervical Spondylosis के शुरुआती संकेत हो सकते हैं, जो अब युवाओं में भी आम होती जा रही है. समय पर इलाज जरूरी है.
Cervical Spondylosis in Youth: लंबे समय तक डेस्क जॉब और मोबाइल पर झुकी हुई गर्दन के कारण भारत के शहरी इलाकों में Cervical Spondylosis के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि 20 से 30 साल के युवाओं में भी दिख रही है. गलत पोश्चर, घंटों स्क्रीन के सामने बैठना और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें इसकी मुख्य वजह हैं. समय पर पहचान न होने पर यह गर्दन और रीढ़ की हड्डी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जा रही है.
गर्दन दर्द को न करें नजरअंदाज
लंबे समय तक डेस्क जॉब, मोबाइल पर झुकी हुई गर्दन और गलत पोश्चर अब गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं. लगातार गर्दन में दर्द, सिर भारी रहना और कंधों में जकड़न Cervical Spondylosis के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक यह समस्या अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि 20 से 30 साल के युवाओं में भी तेजी से दिख रही है. समय पर पहचान और इलाज न हो तो यह रीढ़ की हड्डी को प्रभावित कर सकती है.

Cervical Spondylosis क्या है और क्यों बढ़ रही है
Cervical Spondylosis गर्दन की हड्डियों और उनके बीच मौजूद डिस्क के घिसने से होने वाली समस्या है. मैक्स हॉस्पिटल, गाजियाबाद के ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश यादव बताते हैं कि खराब पोश्चर, घंटों मोबाइल या लैपटॉप पर काम और पोषण की कमी इसके मुख्य कारण हैं.
लंबे समय तक गर्दन झुकाकर फोन देखने से डिस्क पर दबाव बढ़ता है. इससे हड्डियों पर अतिरिक्त ग्रोथ यानी ऑस्टियोफाइट बन सकती है, जिसे आम भाषा में हड्डी बढ़ना कहा जाता है. यही आगे चलकर दर्द और अकड़न की वजह बनती है.
शुरुआती लक्षण जो चेतावनी देते हैं
Cervical Spondylosis के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं. इनमें लगातार गर्दन दर्द, गर्दन में अकड़न और सिरदर्द शामिल है, जो अक्सर सिर के पिछले हिस्से में महसूस होता है.
इसके अलावा कंधों और बाजुओं में दर्द, हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन भी नजर आ सकता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि इन संकेतों को नजरअंदाज करना सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि शुरुआती स्टेज में इलाज आसान होता है.
बचाव और इलाज के आसान तरीके
डॉक्टर की सलाह पर फिजियोथेरेपी और नियमित हल्की एक्सरसाइज से काफी राहत मिल सकती है. काम के दौरान हर 30–40 मिनट में पोश्चर बदलना और ब्रेक लेना जरूरी है. कंप्यूटर स्क्रीन आंखों की सीध में रखें और मोबाइल इस्तेमाल करते समय गर्दन झुकाने से बचें. सही पोश्चर और एक्टिव लाइफस्टाइल Cervical Spondylosis से बचाव में अहम भूमिका निभाते हैं.













