भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे आज इंदौर में खेला जाएगा। यह मुकाबला सीरीज के साथ भारत की 37 साल पुरानी घरेलू साख का भी इम्तिहान है। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया करो या मरो की स्थिति में उतरेगी।
IND vs NZ 3rd ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला आज इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच सिर्फ सीरीज जीत का नहीं बल्कि भारतीय टीम की 37 साल पुरानी घरेलू साख का भी इम्तिहान है। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया आज ‘करो या मरो’ की स्थिति में मैदान पर उतरेगी।
भारत ने पिछले करीब चार दशकों में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में कोई भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं गंवाई है। ऐसे में यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम अध्याय जोड़ सकता है। इंदौर का मैदान, घरेलू दर्शक और इतिहास तीनों भारत के पक्ष में हैं, लेकिन हालिया फॉर्म और टीम संतुलन कुछ सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
होलकर स्टेडियम का अजेय रिकॉर्ड
इंदौर का होलकर क्रिकेट स्टेडियम भारतीय टीम के लिए हमेशा से लकी रहा है। यहां भारत ने अब तक एक भी वनडे मैच नहीं हारा है। छोटा मैदान और बल्लेबाजी के लिए मददगार पिच इस स्टेडियम की पहचान रही है।
आज का मुकाबला काली मिट्टी के सेंटर विकेट पर खेला जाएगा, जो बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में एक बार फिर हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद की जा रही है। गेंदबाजों के लिए यहां गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती और खासकर स्पिनरों की परीक्षा कड़ी होती है।
सीरीज जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया
तीसरे वनडे में भारतीय टीम का लक्ष्य साफ है। सीरीज जीतना और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू दबदबे को बरकरार रखना। हालांकि पिछले दोनों मैचों में टीम इंडिया का प्रदर्शन पूरी तरह संतुलित नहीं दिखा है।
भारतीय स्पिन आक्रमण अब तक लय में नहीं दिखा है। मिडिल ओवर्स में विकेट न मिलना टीम के लिए चिंता का विषय रहा है। वहीं निचला क्रम भी दोनों मैचों में रन जोड़ने में नाकाम रहा है। ऑलराउंडर की तलाश में टीम मैनेजमेंट को अब तक सफलता नहीं मिली है, जिससे प्लेइंग इलेवन का संतुलन बिगड़ता नजर आया है।
इस निर्णायक मुकाबले में कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर के फैसले बेहद अहम होंगे।
शुभमन गिल और गौतम गंभीर पर दबाव
कप्तान शुभमन गिल इस सीरीज में अपने फॉर्म को लेकर संघर्ष करते नजर आए हैं। हालांकि पिछले मैच में उन्होंने अर्धशतक लगाकर लय में लौटने के संकेत जरूर दिए। इंदौर मैच से पहले गिल ने नेट्स में लंबा अभ्यास सत्र बिताया है, जिससे साफ है कि वह इस मुकाबले को लेकर पूरी तरह फोकस्ड हैं।

दूसरी ओर कोच गौतम गंभीर के लिए भी यह मैच अहम है। उनके कार्यकाल में टीम इंडिया को घर में पांच टेस्ट के अलावा श्रीलंका से पहली बार वनडे सीरीज गंवानी पड़ी थी। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह सीरीज जीत गंभीर के लिए भी साख बचाने जैसा होगा।
रोहित शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद
सीरीज में अब तक रोहित शर्मा का बल्ला पूरी तरह नहीं चल पाया है। आक्रामक अंदाज में खेलने के प्रयास में वह जल्द विकेट गंवा रहे हैं। हालांकि इंदौर का मैदान रोहित के लिए हमेशा खास रहा है।
होलकर स्टेडियम में रोहित शर्मा एक शतक और एक अर्धशतक लगा चुके हैं। ऐसे में उनसे आज एक बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। अगर रोहित अच्छी शुरुआत देते हैं तो भारतीय टीम का मनोबल काफी बढ़ सकता है।
विराट कोहली के सामने रिकॉर्ड सुधारने का मौका
विराट कोहली का इंदौर में वनडे रिकॉर्ड अब तक खास नहीं रहा है। वह यहां एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। ऐसे में तीसरे वनडे में विराट के पास अपने आंकड़ों को बेहतर करने का शानदार मौका होगा।
कोहली का अनुभव और बड़े मैचों में प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए हमेशा निर्णायक रहा है। फैंस को उम्मीद है कि इंदौर में विराट एक यादगार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अर्शदीप सिंह को मिल सकता है मौका
तीसरे वनडे में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में बदलाव की संभावना है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को मौका दिया जा सकता है। उन्हें हर्षित राणा या प्रसिद्ध कृष्णा की जगह शामिल किया जा सकता है, जो इस सीरीज में गेंद और बल्ले से प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं।
अर्शदीप सिंह ने शनिवार को गेंदबाजी कोच मोर्ने मार्केल की निगरानी में सेंटर विकेट पर जमकर अभ्यास किया। उनकी स्विंग गेंदबाजी इंदौर के छोटे मैदान पर उपयोगी साबित हो सकती है।
नए खिलाड़ियों पर भी रहेगी नजर
चोटिल वाशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किए गए आयुष बडोनी को मौका मिल सकता है। उनके प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी भी इस सीरीज में अब तक खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं।
भारत का घरेलू दबदबा
भारत ने मार्च 2019 के बाद से अपने घर में एक भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं गंवाई है। पिछली बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त के बावजूद भारत को 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था।
न्यूजीलैंड ने पहली बार 1989 में भारत का दौरा किया था। इसके बाद से 37 सालों में वह भारत में कोई भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं जीत सका है। हालांकि 2025 में न्यूजीलैंड ने भारत को टेस्ट सीरीज में 0-3 से हराकर बड़ा झटका जरूर दिया था। अब टीम इंडिया के पास उस हार का हिसाब चुकाने का मौका है।
दोनों टीमों की संभावित ताकत
भारतीय टीम में अनुभव और युवा जोश का अच्छा मिश्रण है। शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बल्लेबाज मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। वहीं न्यूजीलैंड की टीम भी माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में संतुलित नजर आ रही है।
मैच से पहले जानिए टीम स्क्वॉड
भारत की टीम में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल, ध्रुव जुरैल, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, आयुष बडोनी, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और हर्षित राणा शामिल हैं।
न्यूजीलैंड की टीम में माइकल ब्रेसवेल, डेवोन कान्वे, मिचेल हेय, निक कैली, हेनरी निकोल्स, विल यंग, जोश क्लार्कसन, जैक फोल्क्स, डेरेल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, आदित्य अशोक, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जेमिसन, जेडन लेनाक्स और माइकल रे शामिल हैं।










