IND vs SA टेस्ट सीरीज के बाद BCCI का बड़ा फैसला: गौतम गंभीर बने रहेंगे टीम इंडिया के हेड कोच

IND vs SA टेस्ट सीरीज के बाद BCCI का बड़ा फैसला: गौतम गंभीर बने रहेंगे टीम इंडिया के हेड कोच

भारत की टेस्ट टीम को हालिया टेस्ट सीरीज में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। कभी घरेलू मैदान पर लगभग अपराजेय मानी जाने वाली टीम इंडिया को लगातार दो बड़े झटके लगे हैं।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हाल ही में समाप्त हुई घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 की हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। लगातार टेस्ट में मिल रही असफलताओं के चलते सोशल मीडिया और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच उनकी कोचिंग शैली पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि अब इस पूरे विवाद पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपना रुख साफ कर दिया है।

बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गौतम गंभीर तीनों प्रारूप—टेस्ट, वनडे और टी20—में भारतीय टीम के हेड कोच बने रहेंगे। बोर्ड फिलहाल उनके कार्यकाल में किसी तरह का बदलाव करने के मूड में नहीं है। इस फैसले से उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें उनके पद से हटाए जाने की चर्चा चल रही थी।

लगातार हार से टूटी घरेलू मैदानों की अजेय छवि

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में घरेलू टेस्ट मुकाबलों में टीम हमेशा मजबूत रही है। लेकिन पिछले कुछ समय में यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से क्लीन स्वीप, और अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की हार ने भारत की लंबे समय से चली आ रही अजेय छवि को गहरा झटका दिया है।

गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद बीते 16 महीनों में यह भारत की तीसरी टेस्ट सीरीज हार है। यही वजह रही कि प्रशंसकों और कई पूर्व खिलाड़ियों ने टीम मैनेजमेंट और कोचिंग रणनीति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।

हार के बाद क्या बोले थे गौतम गंभीर?

साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, मेरे भविष्य को लेकर फैसला बीसीसीआई को करना है। मेरा काम टीम को बेहतर बनाना है और मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम जारी रखूंगा। उनके इस बयान के बाद यह कयास और मजबूत हो गए थे कि बोर्ड उनके प्रदर्शन की समीक्षा कर सकता है।

अब एएनआई से बातचीत में बीसीसीआई सूत्रों ने साफ कर दिया है कि, गौतम गंभीर को तीनों फॉर्मेट में पूरा समर्थन मिल रहा है। बोर्ड को उन पर भरोसा है और फिलहाल किसी भी तरह के बदलाव पर विचार नहीं किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड का मानना है कि टीम इस समय संक्रमण काल (Transition Phase) से गुजर रही है, जहां युवा खिलाड़ियों को मौके दिए जा रहे हैं और ऐसी स्थिति में कोच को पर्याप्त समय देना जरूरी है।

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