पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव को मिली मंजूरी, CM मान बोले – राज्य के लिए शानदार जीत

पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव को मिली मंजूरी, CM मान बोले – राज्य के लिए शानदार जीत

पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को उपराष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही छात्रों और शिक्षकों में उत्साह बढ़ गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे राज्य की बड़ी जीत बताया और लंबे समय से चुनाव की मांग कर रहे विश्वविद्यालय समुदाय ने राहत महसूस की।

Punjab: पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे राज्य के लिए शानदार जीत बताया है। सीएम मान ने अपने एक्स हैंडल पर कहा कि यह संस्थान केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं बल्कि पंजाब की विरासत है। उन्होंने लिखा कि यह फैसला उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने लंबे समय तक इसका इंतजार किया था।

शिक्षकों और छात्रों के आंदोलन की सराहना

मुख्यमंत्री मान ने उन शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की प्रशंसा की जिन्होंने इस आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने भारी दबाव झेलने के बावजूद पिछले एक महीने से चल रहे आंदोलन के दौरान अपना हौसला बनाए रखा। मान के अनुसार उनका संघर्ष जारी रहा और अंत में उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने कहा कि छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और पंजाब के सभी लोग बधाई के पात्र हैं क्योंकि उन्होंने लगातार आवाज उठाई और अपने अधिकारों की रक्षा की।

उपराष्ट्रपति ने दी मंजूरी

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। यह फैसला उस समय आया है जब छात्र लगातार सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग कर रहे थे और इसके लिए जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से लंबित था और छात्रों द्वारा इसे जल्द कराए जाने की मांग की जा रही थी।

चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराए जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय की ओर से कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में बताया गया कि उपराष्ट्रपति और कुलाधिपति ने प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी छात्रों और शिक्षकों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांग के बाद मिली है।

कुलपति ने भेजा था प्रस्ताव

पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति रेणु विग ने पहले कुलाधिपति को पत्र भेजकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। इसके बाद ही यह मुद्दा औपचारिक रूप से आगे बढ़ पाया। एक वर्ष से अधिक समय से चुनाव न होने के कारण यह विषय विश्वविद्यालय समुदाय में लगातार चर्चा में था। कुलपति के प्रस्ताव के बाद इस पर कार्रवाई हुई और अंततः चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मिल गई।

छात्रों का प्रदर्शन 

पंजाब विश्वविद्यालय बचाओ मोर्चा के बैनर तले छात्र लगातार इस मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांग थी कि सीनेट चुनाव कार्यक्रम तुरंत घोषित किया जाए ताकि विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता और भागीदारी बनी रहे। इस आंदोलन को पंजाब के कई राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया था जिनमें आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस शामिल थे। इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठनों ने भी छात्रों की मांग का समर्थन किया।

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