भारत के लक्ष्य सेन को क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के लिन चुन यी के खिलाफ तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई।
India Open Badminton 2026: इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती पुरुष एकल वर्ग में क्वार्टरफाइनल तक ही सीमित रही। भारत के लक्ष्य सेन को क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे के शीर्ष खिलाड़ी लिन चुन यी के खिलाफ तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही लक्ष्य सेन का टूर्नामेंट से सफर समाप्त हो गया।
मैच की विस्तृत झलक
लक्ष्य सेन और लिन चुन यी के बीच क्वार्टरफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। पहला गेम लक्ष्य सेन ने जीतकर मैच में दबदबा बनाया, लेकिन लिन ने दूसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए स्कोर बराबरी कर ली। निर्णायक तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों ने कड़ी टक्कर दी और लंबी रैलियों का प्रदर्शन किया। लेकिन अंततः लिन चुन यी ने 18-21 से तीसरा गेम जीतते हुए मैच अपने नाम किया।
पहले गेम में लक्ष्य सेन ने जोरदार शुरुआत की और लिन को तेज रैलियों में उलझाया। शुरुआती स्कोर बराबरी 4-4 और 7-7 रहा, लेकिन इसके बाद लक्ष्य ने ब्रेक तक बढ़त बनाई। दो शानदार विनर और लिन की गलतियों ने लक्ष्य को 13-10 की बढ़त दिलाई। इसके बाद लगातार दबाव बनाकर उन्होंने स्कोर 16-11 तक बढ़ाया। 54 शॉट की लंबी रैली के बाद लिन का शॉट आउट हुआ और लक्ष्य ने पांच गेम प्वॉइंट में तीसरे मौके पर पहला गेम जीतकर 21-17 से जीत दर्ज की।
दूसरे गेम में लक्ष्य सेन को शटल पर नियंत्रण बनाने में कठिनाई हुई। शुरुआती दौर में वह बार-बार बेसलाइन से चूकते रहे, जिससे लिन ने गेम पर पकड़ बनाई और ब्रेक तक 11-5 की बढ़त ले ली। अंततः लिन ने दूसरा गेम 21-13 से अपने नाम कर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचाया। तीसरे और निर्णायक गेम की शुरुआत में लक्ष्य सेन ने जोरदार खेल दिखाया और 4-0 की बढ़त बनाई।
लेकिन लिन चुन यी ने दो प्रभावशाली जंप स्मैश के साथ स्कोर 8-6 तक पहुंचाया। ब्रेक के बाद दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थे (12-12), लेकिन लक्ष्य की लगातार तीन गलतियों ने मैच का रुख बदल दिया। इसके बाद लिन ने निर्णायक बढ़त बनाई और मैच 21-18 से जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

लक्ष्य सेन की उपलब्धियां और संघर्ष
लक्ष्य सेन ने इस टूर्नामेंट में कई मजबूत रैलियों में अपनी तकनीक दिखाई। उनका पहला गेम जीतना दर्शाता है कि वह विश्व स्तर पर मुकाबले के लिए तैयार हैं। हालांकि दूसरे और तीसरे गेम में शटल नियंत्रण और गलतियों ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया। इस हार के बावजूद लक्ष्य का खेल युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पुरुष एकल में लक्ष्य सेन की हार के साथ ही भारत की चुनौती समाप्त हो गई। टूर्नामेंट में अभी और भी मुकाबले शेष हैं, जिनमें महिला एकल और युगल वर्गों में भारतीय खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इंडिया ओपन सुपर 750 की यह श्रृंखला खिलाड़ियों के लिए रैंकिंग प्वॉइंट्स और विश्व स्तर पर अनुभव जुटाने का अहम अवसर है।









