CCI ने इंडिगो एयरलाइन पर औपचारिक जांच शुरू की है। संशोधित FDTL नियमों के बाद कई उड़ानें रद्द हुईं। आयोग यह देखेगा कि एयरलाइन ने कंपटीशन एक्ट का उल्लंघन किया या नहीं और यात्रियों को नुकसान पहुंचाया।
New Delhi: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो हाल ही में लगातार समस्याओं का सामना कर रही है। अब कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने एयरलाइन के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला किया है। यह कदम एक शिकायत के आधार पर उठाया गया, जिसे आयोग में किसी व्यक्ति ने दर्ज कराया था। CCI ने अपने बयान में कहा कि “हाल ही में कई रूट्स पर उड़ानों में हुई रुकावटों की शिकायत को संज्ञान में लिया गया है।”
CCI की प्रक्रिया और जांच का तरीका
CCI के नियमों के मुताबिक, सबसे पहले आयोग शिकायत और प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आकलन करता है। इसके बाद, यदि आवश्यक होता है, तो डायरेक्टर जनरल के कार्यालय को औपचारिक जांच के लिए निर्देश दिया जाता है। इस मामले में भी प्रारंभिक जांच के बाद CCI ने कंपटीशन एक्ट, 2002 के तहत आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया है।
इंडिगो को क्या परेशानी हुई
इंडिगो देश में घरेलू हवाई यात्रा का लगभग 60% हिस्सा संभालती है। दिसंबर की शुरुआत में एयरलाइन को अपने हजारों फ्लाइट्स रद्द करने पड़े थे। इस दौरान एयरलाइन ने अब तक 800 करोड़ रुपये से अधिक की टिकट राशि यात्रियों को रिफंड की है।
उड़ानों में रुकावटों की यह समस्या 1 नवंबर से लागू हुए संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के बाद शुरू हुई। इन नियमों के तहत पायलट और क्रू के लिए अनिवार्य आराम के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। इसके अलावा रात की ड्यूटी पर पाबंदी और हवाई दल के लिए साप्ताहिक 48 घंटे का आराम सुनिश्चित करना भी अनिवार्य किया गया है।
FDTL नियमों का उद्देश्य
संशोधित FDTL नियम यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन क्रू के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इसके तहत पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट को पर्याप्त आराम देना अनिवार्य है ताकि उड़ानों के दौरान थकावट या गलतियां न हों। हालांकि, इंडिगो के लिए इस बदलाव का असर बड़ा रहा और फ्लाइट्स रद्द होने की स्थिति पैदा हुई।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की प्रतिक्रिया
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने भी इस घटना के बाद इंडिगो एयरलाइन की जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि “किसी भी एयरलाइन को, चाहे उसका आकार कुछ भी हो, यात्रियों के लिए परेशानी शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।” मंत्रालय का मानना है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी एयरलाइन को इसका नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
इंडिगो के लिए चुनौती
इंडिगो इस समय न केवल FDTL नियमों के अनुपालन में चुनौती का सामना कर रही है, बल्कि CCI की जांच से भी उसे कानूनी और रेगुलेटरी दबाव का सामना करना पड़ेगा। जांच में यह देखा जाएगा कि एयरलाइन ने रुकावटों के दौरान कंपटीशन एक्ट का उल्लंघन किया या नहीं। यदि आयोग ने उल्लंघन पाया तो एयरलाइन को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।











