पश्चिम एशिया तनाव के बीच Indigo की उड़ानों पर असर पड़ा, लेकिन MK Global ने शेयर पर BUY रेटिंग दी। स्टॉक में 49% अपसाइड संभावित, ऑपरेशंस स्थिर, जेट फ्यूल लागत बढ़ी, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या प्रभावित।
Indigo Share: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने पश्चिम एशिया के कई देशों का एयरस्पेस बंद कर दिया है। इसके चलते इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। पाकिस्तान का एयरस्पेस पहले से बंद होने के कारण इंडिगो की उड़ानों को और भी लंबा मार्ग अपनाना पड़ा, जिससे रूटिंग और ऑपरेशन पर दबाव बढ़ा। कंपनी ने जनवरी-फरवरी 2026 के ऑपरेशंस के आंकड़े जारी किए, जो उसके अनुमान और गाइडेंस के अनुरूप या उससे थोड़ा बेहतर रहे।
उड़ानों की संख्या प्रभावित
कंपनी के अनुसार 28 फरवरी से 3 मार्च 2026 के बीच पश्चिम एशिया और कुछ लंबी दूरी के गंतव्यों के लिए 500 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इनमें इस्तांबुल, एथेंस, मैनचेस्टर और एम्स्टर्डम जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल थीं। संघर्ष जारी रहने के कारण 4 से 6 मार्च के बीच भी रोजाना लगभग 130-140 उड़ानें रद्द होती रही।
इंडिगो की कुल अंतरराष्ट्रीय क्षमता का करीब 30 फीसदी हिस्सा प्रभावित हुआ, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से लगभग 45 फीसदी पश्चिम एशिया से जुड़ी हैं या उसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं।
ब्रोकरेज फर्म MK Global का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने इंडिगो के शेयर पर पॉजिटिव रुख अपनाया है। फर्म का मानना है कि जैसे ही जियो-पॉलिटिकल तनाव कम होगा, कंपनी की उड़ानें सामान्य हो सकती हैं और ऑपरेशंस पूरी क्षमता से चलेंगे।
मंगलवार के कारोबार में इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो के शेयर में शुरुआती सेशन में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली और शेयर 3 फीसदी से ज्यादा उछल गया। बीते दो हफ्तों में पश्चिम एशिया तनाव के चलते यह शेयर लगभग 10 फीसदी गिर चुका था।
Indigo के शेयर पर BUY रेटिंग
एमके ग्लोबल ने इंडिगो पर BUY रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2027 के लिए टारगेट प्राइस 6300 रुपये प्रति शेयर तय किया है। बीते कारोबारी सत्र यानी सोमवार को शेयर 4236 रुपये पर बंद हुआ था। इसका मतलब है कि मौजूदा भाव से स्टॉक में आगे 49 फीसदी तक का उछाल देखने को मिल सकता है। एनालिस्ट का मानना है कि जैसे ही पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा और एयरलाइन के ऑपरेशंस सामान्य होंगे, स्टॉक की कीमत तेजी से बढ़ सकती है।
तेल की कीमतों में उछाल
वर्तमान में तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य पर संभावित बाधा के कारण कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इससे जेट फ्यूल का मार्जिन भी तेजी से बढ़कर लगभग 40 से 50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जबकि कुछ बाजारों में यह 80 डॉलर प्रति बैरल तक हो गया।
अगर यह स्थिति बनी रहती है, तो अप्रैल 2026 में जेट फ्यूल की कीमतों में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, एयरलाइंस पर यह अतिरिक्त लागत कितनी डाली जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
वर्तमान ऑपरेशंस और वित्तीय स्थिति
Indigo के जनवरी-फरवरी 2026 के ऑपरेशंस के आंकड़े सकारात्मक रहे। कंपनी ने बताया कि उसके उड़ानों के प्रदर्शन और यात्री लोड फैक्टर कंपनी के अनुमान के अनुरूप रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि इंडिगो की मैनेजमेंट अपनी योजना के अनुसार ऑपरेशंस चला रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि ऑपरेशन के आंकड़ों में स्थिरता और यात्री संख्या में सुधार कंपनी के स्टॉक को समर्थन देगा।













