यूरोपीय फुटबॉल की दिग्गज क्लब पेरिस सेंट जर्मेन ने वर्ष 2025 में अपने शानदार प्रदर्शन को और मजबूती देते हुए इंटरकॉन्टिनेंटल कप फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है। रोमांचक फाइनल मुकाबले में पीएसजी ने ब्राजील के प्रतिष्ठित क्लब फ्लेमेंगो को पेनल्टी शूटआउट में 2-1 से हराया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) ने फ्लेमेंगो को हराकर इंटरकॉन्टिनेंटल कप फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। खिताबी मुकाबले में पीएसजी की जीत के सबसे बड़े हीरो गोलकीपर मात्वेई सफोनोव रहे, जिन्होंने पेनल्टी शूटआउट में लगातार चार पेनल्टी बचाकर टीम को जीत दिलाई। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय के बाद मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में पीएसजी ने 2-1 से बाजी मारी। यह ट्रॉफी पीएसजी की इस साल की छठी खिताबी जीत है।
बेहद रोमांचक रहा फाइनल मुकाबला
इंटरकॉन्टिनेंटल कप का फाइनल फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं रहा। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय के बाद मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। पीएसजी की ओर से जॉर्जियाई स्टार ख्विचा क्वारात्स्खेलिया ने 38वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। उनका यह गोल तकनीक, गति और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण था।
हालांकि, ब्राजील के दिग्गज क्लब फ्लेमेंगो ने हार नहीं मानी। 62वें मिनट में जोर्जिन्हो ने पेनल्टी को गोल में बदलते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग के चलते अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं हो सका।

पेनल्टी शूटआउट में सफोनोव का जलवा
मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां पीएसजी के गोलकीपर मात्वेई सफोनोव ने असाधारण प्रदर्शन किया। उन्होंने फ्लेमेंगो के चार लगातार पेनल्टी शॉट्स को रोककर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उनकी इस शानदार उपलब्धि ने न केवल पीएसजी को ट्रॉफी दिलाई, बल्कि उन्हें वैश्विक फुटबॉल मंच पर एक नई पहचान भी दिलाई।
जैसे ही निर्णायक क्षण आया, पीएसजी के खिलाड़ियों ने सफोनोव को कंधों पर उठाकर हवा में उछाला। यह दृश्य क्लब की एकजुटता और जीत के जश्न का प्रतीक बन गया। इंटरकॉन्टिनेंटल कप की यह जीत पीएसजी के लिए साल 2025 की छठी ट्रॉफी है, जो क्लब के स्वर्णिम दौर को दर्शाती है। इससे पहले पीएसजी ने डेस चैंपियंस, फ्रेंच लीग, फ्रेंच कप, यूईएफए चैंपियंस लीग और यूईएफए सुपर कप जैसे प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किए थे।











