पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ गया। ड्रग तस्करी के आरोप में जहाज पर हमला हुआ। वेनेजुएला ने एस्कॉर्ट रणनीति अपनाई, जिससे टकराव की आशंका गहरी हुई।
World News: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी नौसेना (US Navy) की ताजा कार्रवाई ने दोनों देशों के रिश्तों को और बिगाड़ दिया है। ड्रग तस्करी (drug trafficking) के आरोप में अमेरिकी नौसेना ने एक जहाज पर घातक हमला किया, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सीधा सैन्य टकराव होने की आशंका भी तेज हो गई है।
अमेरिकी नौसेना की घातक कार्रवाई
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक यह हमला “नार्को-तस्करी ऑपरेशन” के तहत किया गया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बयान देते हुए कहा कि पूर्वी प्रशांत महासागर में एक संदिग्ध जहाज पर “घातक काइनेटिक स्ट्राइक” (lethal kinetic strike) की गई। इस कार्रवाई में चार लोगों की जान चली गई। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार यह हमला उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका सितंबर से लगातार कथित ड्रग तस्करी में शामिल नावों और जहाजों को निशाना बना रहा है।
बढ़ती मौतों का आंकड़ा
अमेरिकी नौसेना की इन कार्रवाइयों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा हमले के बाद सितंबर से अब तक ड्रग तस्करी के आरोपों में किए गए अमेरिकी हमलों में मरने वालों की संख्या 99 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अमेरिका इस अभियान को कितनी आक्रामकता से आगे बढ़ा रहा है।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
अमेरिकी हमलों के बाद वेनेजुएला ने अपनी समुद्री रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर में बढ़ती अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को देखते हुए वेनेजुएला ने अब अपने जहाजों को एस्कॉर्ट (escort) देना शुरू कर दिया है। इसका मतलब यह है कि वेनेजुएला अपने तेल टैंकरों और अन्य जहाजों के साथ सैन्य सुरक्षा तैनात कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच सीधे टकराव का खतरा और गहरा गया है।

ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला अपने तेल व्यापार से होने वाली आय का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और अपराधियों को फंडिंग (funding) देने में कर रहा है। इसी आरोप के आधार पर अमेरिका ने वेनेजुएला और उससे बाहर जाने वाले तेल टैंकरों पर बैन लगा दिया है। इतना ही नहीं, अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल टैंकरों की नाकेबंदी भी शुरू कर दी है।
अमेरिकी नाकेबंदी और टैंकर जब्ती
अमेरिका की इस नीति के तहत हाल के दिनों में वेनेजुएला के एक तेल टैंकर को जब्त भी किया गया। यह कदम साफ तौर पर वेनेजुएला पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिका का दावा है कि यह सब ड्रग तस्करी रोकने के लिए किया जा रहा है, जबकि वेनेजुएला इसे अपनी संप्रभुता (sovereignty) पर हमला बता रहा है।
अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के बावजूद वेनेजुएला ने अपने तेल कारोबार को पूरी तरह से बंद नहीं किया है। वेनेजुएला का कहना है कि वह सामान्य रूप से कच्चे तेल और उसके उप-उत्पादों का निर्यात जारी रखेगा। दरअसल वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध तेल भंडार (proven oil reserves) हैं और उसकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी पर निर्भर है।
सत्ता परिवर्तन के आरोप
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। मादुरो का कहना है कि अमेरिका ड्रग तस्करी रोकने के बहाने वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन (regime change) चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी और सैन्य तैनाती का असली मकसद उनकी सरकार को कमजोर करना है।
संयुक्त राष्ट्र में उठी चिंता
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति मादुरो ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने वाशिंगटन की “बढ़ती धमकियों” और इसके क्षेत्रीय शांति पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई। मादुरो ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाइयां पूरे लैटिन अमेरिका की स्थिरता के लिए खतरा बन सकती हैं।












