इंडियन सुपर लीग (ISL) का आगामी सत्र 2025-26 को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। ISL के 14 में से 13 क्लबों ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को पत्र भेजकर आगामी सत्र में भाग लेने की स्वीकृति दे दी है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के 14 में से 13 क्लबों ने गुरुवार को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को सूचित किया कि वे विलंबित 2025-26 सत्र में भाग लेने के लिए तैयार हैं। हालांकि, इन क्लबों ने एआईएफएफ के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे आईएसएल में शामिल होते हैं, तो उनसे कोई भागीदारी शुल्क न लिया जाए और प्रतियोगिता के आयोजन और संचालन से जुड़ी पूरी वित्तीय जिम्मेदारी एआईएफएफ उठाए। यह कदम लीग की स्थिरता और क्लबों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
क्लबों की शर्तें और मांगें
क्लबों ने AIFF को स्पष्ट रूप से बताया कि अगर वे ISL में शामिल होते हैं, तो उन्हें कोई भागीदारी शुल्क नहीं लिया जाए। इसके अलावा, प्रतियोगिता के संचालन और आयोजन से जुड़ी पूरी वित्तीय जिम्मेदारी AIFF उठाए। इसके अलावा, क्लबों ने AIFF से दीर्घकालिक योजना के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट और समयबद्ध रोडमैप प्रस्तुत करने की भी मांग की है। इस रोडमैप में निम्नलिखित बिंदु शामिल होने चाहिए:
- व्यावसायिक भागीदार या ब्रॉडकास्टर की नियुक्ति के लिए निश्चित समयसीमा।
- लीग की आय और वित्तीय ढांचे को अंतिम रूप देना।
संचालन ढांचा और वैधानिक शासन मानकों के अनुरूप लीग को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर मॉडल में बदलने की प्रक्रिया।

भारत सरकार से सहयोग की मांग
क्लबों ने यह भी आग्रह किया कि 2025-26 सत्र को टिकाऊ और सफल बनाने के लिए AIFF भारत सरकार से वाणिज्यिक या संस्थागत सहयोग मांगे। इसका उद्देश्य लागत को कम करना और लीग के संचालन को स्थिर बनाना है। क्लबों ने पत्र में कहा है कि उपरोक्त पुष्टियों के प्राप्त होने के बाद ही वे औपचारिक रूप से अपनी भागीदारी की पुष्टि करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वे 2025-26 सत्र के सुव्यवस्थित, नियमों के अनुरूप और सफल आयोजन में AIFF के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
यह पत्र AIFF द्वारा बुधवार को भेजे गए उस पत्र के जवाब में लिखा गया था, जिसमें क्लबों से एक दिन के भीतर विलंबित ISL और प्रस्तावित प्रारूप में अपनी भागीदारी की पुष्टि करने को कहा गया था। 13 क्लबों की ओर से यह पत्र स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव सूद ने AIFF को भेजा। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि क्लब ISL में भाग लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी शर्तों और रोडमैप की पुष्टि आवश्यक है।
विलंबित ISL सत्र 2025-26 भारतीय फुटबॉल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सत्र में क्लबों की भागीदारी और लीग के संचालन का ढांचा भविष्य के लिए दिशा तय करेगा। AIFF के अनुसार, लीग की आर्थिक स्थिरता, संचालन की पारदर्शिता और क्लबों का भरोसा आगामी सत्र को सफल बनाने के लिए अहम होंगे।










