इटली से एक भावनात्मक और उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है, जिसने दुनियाभर का ध्यान खींचा है। मध्य इटली के छोटे से गांव पगलियारा देई मारसी (Pagliara dei Marsi) में करीब 30 वर्षों बाद किसी बच्चे का जन्म हुआ है।
रोम: इटली के एक छोटे से गांव में नन्हीं परी के जन्म की खबर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है और यह कहानी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। गांव के लोग मिलकर इस खास मौके की खुशी मना रहे हैं, क्योंकि यह उनके लिए कोई सामान्य घटना नहीं है। दरअसल, उन्हें कई वर्षों बाद गांव में किसी बच्चे की किलकारियां सुनने को मिली हैं।
इस गांव का नाम पगलियारा देई मारसी है, जहां पिछले 30 सालों से किसी भी बच्चे का जन्म नहीं हुआ था। ऐसे में तीन दशकों बाद जब एक बच्ची ने जन्म लिया, तो पूरा गांव खुशियों से सराबोर हो गया और इस ऐतिहासिक पल को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
तीन दशक बाद लौटी रौनक, बच्ची का नाम रखा गया ‘लारा’
पगलियारा देई मारसी गांव पिछले कई वर्षों से जनसंख्या संकट से जूझ रहा था। गांव में न तो कोई नया परिवार बस रहा था और न ही किसी बच्चे का जन्म हुआ था। ऐसे में 30 साल बाद जब एक नवजात ने जन्म लिया, तो इसे गांव वालों ने किसी उत्सव से कम नहीं माना। स्थानीय लोगों ने सड़कों को सजाया, मिठाइयां बांटीं और मिलकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया। गांववासियों के लिए यह सिर्फ एक बच्ची का जन्म नहीं, बल्कि अपने गांव के भविष्य की एक नई उम्मीद है।
नवजात बच्ची का नाम लारा रखा गया है। जानकारी के अनुसार, लारा की मां की उम्र 42 साल और पिता की उम्र 56 साल है। माता-पिता ने बताया कि वे इस पल को अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य मानते हैं। वहीं, गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने दशकों बाद किसी बच्चे की हंसी सुनी है, जो उनके लिए बेहद भावुक क्षण है।

पीएम जॉर्जिया मेलोनी का बड़ा ऐलान
इस अनोखी और भावनात्मक घटना पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नन्हीं लारा के जन्म को देश के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया। पीएम मेलोनी ने लारा के माता-पिता को 1000 यूरो (करीब 1 लाख रुपये) का बेबी बोनस देने की घोषणा की है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने बच्ची की परवरिश में सहायता के लिए हर महीने 370 यूरो (लगभग 37 हजार रुपये) की आर्थिक मदद देने का भी एलान किया है। सरकार का यह कदम इटली में गिरती जन्म दर को प्रोत्साहन देने की नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इटली लंबे समय से कम जन्म दर की समस्या से जूझ रहा है। यह यूरोप के उन देशों में शामिल है जहां प्रजनन दर सबसे कम है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इटली में जन्म दर घटकर 3,69,944 रह गई, जबकि देश की फर्टिलिटी रेट केवल 1.18 दर्ज की गई। यह स्तर किसी भी देश की स्थिर जनसंख्या बनाए रखने के लिए आवश्यक दर से काफी नीचे है।
पिछले करीब 16 वर्षों से इटली में महिलाएं कम बच्चे पैदा कर रही हैं, जिसके चलते कई गांव और छोटे कस्बे धीरे-धीरे खाली होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इटली में घटती जन्म दर की सबसे बड़ी वजह महिलाओं की नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन की कमी है। गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान कई महिलाओं को नौकरी छोड़नी पड़ती है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ता है। पर्याप्त चाइल्ड केयर सुविधाओं और लचीली कार्य नीतियों की कमी के कारण महिलाएं मातृत्व से दूरी बना रही हैं।











