झारखंड के जमशेदपुर में उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी का अपहरण हो गया। JDU विधायक सरयू राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में मदद मांगी। पुलिस ने SIT का गठन कर जांच शुरू कर दी है।
रांची: झारखंड के जमशेदपुर में एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां के प्रसिद्ध उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी कथित तौर पर अपहरण का शिकार हो गए हैं। इस मामले ने शहर में सनसनी मचा दी है। अपहरण की खबर के सामने आने के बाद व्यापारिक और सामाजिक संगठन गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। इस बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक सरयू राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में मदद की अपील की है।
क्या हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, कैरव गांधी को पांच दिन पहले लापता पाया गया। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय समुदाय में चिंता का माहौल है। अपहरण की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने पड़ोसी सरायकेला-खरसावां जिले के चंदिल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-33 के कंदेरबेड़ा इलाके से उनकी कार बरामद की। हालांकि, कैरव अभी तक सुरक्षित नहीं लौटे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना केवल अपहरण और फिरौती का मामला नहीं है, बल्कि एक युवक की जिंदगी से जुड़ा गंभीर मामला है। इस कारण प्रशासन और परिवार दोनों इस पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।
JDU विधायक सरयू राय ने की मदद की मांग
जमशेदपुर पूर्वी सीट से विधायक सरयू राय ने इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा कि कैरव गांधी का अपहरण चार दिन पहले हुआ और झारखंड सरकार अब तक सुराग नहीं ढूंढ पाई है।

सरयू राय ने लिखा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसमें किसी अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मामला केवल आर्थिक लालच का नहीं, बल्कि एक युवक की जान से जुड़ा है। इसलिए उन्होंने केन्द्रीय एजेंसियों को सक्रिय करने की मांग की है ताकि जांच में तेजी आए और नए सुराग मिल सकें।
जांच के लिए SIT का गठन
इस घटना के बाद झारखंड पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT का काम कैरव गांधी को सुरक्षित निकालना और मामले के सभी पहलुओं की जांच करना है।
सरयू राय के अनुसार, SIT अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास कर रही है। हालांकि खुफिया ब्यूरो और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जांच को और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने बताया कि इस मामले को उन्होंने झारखंड के पुलिस महानिदेशक और पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी रखा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि SIT और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग से अंतर्राज्यीय गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया जा सकता है। इससे अपहृत युवक के सुरक्षित बचाव की संभावना बढ़ जाएगी।
अब तक की जांच में क्या सामने आया
पुलिस जांच में अब तक कुछ शुरुआती सुराग मिले हैं। लापता होने के कुछ ही घंटे बाद कैरव गांधी की कार को नेशनल हाईवे-33 के कंदेरबेड़ा क्षेत्र से बरामद किया गया। इस कार के बरामद होने से शुरुआती जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं, लेकिन अभी तक कैरव की लोकेशन का पता नहीं चला है।
पुलिस का कहना है कि अपहरण की संभावना के साथ-साथ किसी आपराधिक गिरोह की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इसके लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
इस अपहरण के बाद जमशेदपुर में व्यापारिक और सामाजिक संगठन चिंता में हैं। लोग शहर में बढ़ती सुरक्षा खामियों पर सवाल उठा रहे हैं। इस घटना ने परिवार और समुदाय दोनों को झकझोर कर रख दिया है।











