जितेश शर्मा का बड़ा खुलासा: RCB की हार की दुआ करता था विकेटकीपर-बल्लेबाज

जितेश शर्मा का बड़ा खुलासा: RCB की हार की दुआ करता था विकेटकीपर-बल्लेबाज

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) की शुरुआत से पहले Royal Challengers Bangalore के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज Jitesh Sharma ने अपने खुलासे से फैंस को हैरान कर दिया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) के आगाज से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा ने अपने अजीब और चौंकाने वाले खुलासे से क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया है। उन्होंने माना कि वह कभी-कभी खुद अपनी टीम RCB की हार की दुआ किया करते थे, ताकि उन्हें हीरो बनने का मौका मिल सके।

जितेश शर्मा का यूट्यूब पर खुलासा

हाल ही में जितेश शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका और RCB के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान यह राज खोला। उन्होंने बताया कि यह कोई विरोध या टीम के खिलाफ नफरत नहीं थी, बल्कि वह सिर्फ खुद को बड़ा बनाने और मैच में अपनी ताकत दिखाने की चाह में ऐसा करते थे।

जितेश ने कहा, "आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन मैं हमेशा भगवान से प्रार्थना करता था कि मेरा टॉप ऑर्डर फेल और फिर मैं बल्लेबाजी कर सकूं। मैं हीरो बनने का मौका देखता हूं। मैं जिंदगी में हमेशा ऐसी पारी की कल्पना करता था और मैं उस तरह का इंसान हूं जो हमेशा कुछ ना कुछ जादूई करना चाहता है।

आईपीएल 2025 में RCB के लिए दमदार प्रदर्शन

बता दें कि जितेश शर्मा 2025 में RCB टीम का हिस्सा बने। उस सीजन में उन्होंने 15 मैचों में 11 पारियों में बैटिंग करते हुए कुल 261 रन बनाए। उनके औसत 37.28 और स्ट्राइक रेट 176.35 रहा। इस दौरान उनका हाई स्कोर 85 रन* रहा, जो उनकी सबसे बेहतरीन पारी थी। जितेश शर्मा ने यह भी बताया कि इससे पहले वह तीन साल तक पंजाब किंग्स का हिस्सा रहे। 

उनके आईपीएल करियर की बात करें तो अब तक उन्होंने कुल 55 मैचों में 47 पारियों में बैटिंग करते हुए 991 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 1 अर्धशतक निकला है। याद दिला दें कि 2025 IPL सीजन RCB के लिए खास था। उस साल रजत पाटीदार की कप्तानी में टीम ने अपना पहला आईपीएल खिताब अपने नाम किया। 18 साल के आईपीएल इतिहास में यह बेंगलुरु के लिए पहला ट्रॉफी जीतने का पल था। जितेश शर्मा के योगदान ने भी टीम को इस सफलता के करीब पहुंचाया।

क्यों करता था जितेश यह दुआ?

जितेश ने स्पष्ट किया कि उनकी यह सोच खुद को बड़ा बनाने और मैच में अपनी छाप छोड़ने की थी। वह मानते हैं कि ऐसे मौके खिलाड़ियों को हीरो बनाने का मौका देते हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बार इसे अपनाया। उनके अनुसार, यह रणनीति खिलाड़ी की मानसिक तैयारी और आत्मविश्वास को भी मजबूत करती है।

क्रिकेट विश्लेषक इसे खिलाड़ी की आक्रामक सोच और मैच के दबाव में खेलने की क्षमता के रूप में देखते हैं। जितेश का यह खुलासा दर्शाता है कि युवा खिलाड़ी सिर्फ टीम के लिए नहीं, बल्कि खुद को साबित करने की जिज्ञासा और जुनून के लिए भी मैच खेलते हैं।

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