प्याज के पकोड़े, जिन्हें 'कांदा भजी' भी कहा जाता है, भारत का सबसे पसंदीदा 'मानसून स्नैक' है। बेसन और मसालों में लिपटे हुए प्याज के लच्छे जब तेल में तलकर सुनहरे और कुरकुरे हो जाते हैं, तो चाय का स्वाद दोगुना हो जाता है। यह बनाने में बेहद आसान है और बारिश के मौसम या सर्दियों की शाम के लिए एकदम सही साथी है।
सामग्री
- प्याज: 3-4 मध्यम (लंबाई में पतले कटे हुए - लच्छेदार)
- बेसन (चना दाल का आटा): 1.5 कप
- चावल का आटा: 2 बड़े चम्मच (अधिक कुरकुरापन लाने के लिए - वैकल्पिक)
- हरी मिर्च: 2-3 (बारीक कटी हुई)
- अजवाइन: ½ छोटा चम्मच (हथेलियों से क्रश करके डालें)
- हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
- लाल मिर्च पाउडर: ½ छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर: ¼ छोटा चम्मच
- नमक: स्वादानुसार
- हींग: 1 चुटकी
- तेल: तलने के लिए
बनाने का तरीका
- प्याज तैयार करें: एक बड़े कटोरे में कटे हुए प्याज लें। इसमें नमक मिलाएं और हाथ से अच्छी तरह मसलें ताकि प्याज के लच्छे अलग हो जाएं और प्याज अपना पानी छोड़ दे। इसे 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें।
- मसाले मिलाएं: अब इसमें हरी मिर्च, हरा धनिया, अजवाइन, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और हींग डालें।
- बेसन मिलाएं: अब इसमें धीरे-धीरे बेसन और चावल का आटा डालें। इसे हाथ से मिलाएं ताकि बेसन प्याज पर अच्छे से कोटिंग कर ले। (नोट: पानी न डालें या बहुत कम डालें, प्याज के पानी से ही मिश्रण गाढ़ा और लटपटा बन जाना चाहिए, तभी पकोड़े कुरकुरे बनेंगे)।
- तेल गरम करें: कड़ाही में तेल गरम करें। तेल मध्यम से तेज आंच पर गरम होना चाहिए।
- तलें: अब मिश्रण के छोटे-छोटे हिस्से (अनियमित आकार के) गर्म तेल में छोड़ें। पकोड़ों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
- निकालें: टिशू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
परोसने के तरीके
- क्लासिक स्टाइल: इसे तली हुई हरी मिर्च (नमक लगी हुई) और 'कटिंग चाय' के साथ परोसें।
- चटनियों के साथ: पुदीने की हरी चटनी या इमली की मीठी चटनी के साथ यह बहुत स्वादिष्ट लगते हैं।
- पाव के साथ: मुंबई स्टाइल में इसे पाव के अंदर रखकर 'भजी पाव' की तरह खाया जा सकता है।
खाने के फायदे
प्याज के पकोड़े एक बेहतरीन 'मूड लिफ्टर' स्नैक हैं, जो खासकर ठंडे मौसम में शरीर को गर्माहट देते हैं। इसमें मुख्य सामग्री प्याज है, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है और लू से बचाती है। बेसन चने की दाल से बनता है, इसलिए इसमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है और यह ग्लूटेन-फ्री भी है। घर पर बने पकोड़े बाजार की तुलना में ज्यादा स्वच्छ और सुरक्षित होते हैं।













