वाराणसी। Kashi Vishwanath Temple में रंगभरी एकादशी के अवसर पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब एक बटुक (बाल ब्राह्मण) के साथ कथित अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा ने बटुक की चोटी खींची और बाल नोचे, जबकि एक सिपाही ने थप्पड़ मारे। इस दौरान मौजूद महिला श्रद्धालुओं से भी धक्का-मुक्की की बात कही जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रंगभरी एकादशी के कारण मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि स्थिति को संभालने के बजाय कुछ पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाई, जिससे माहौल और बिगड़ गया।
घटना का एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें बटुक और कुछ श्रद्धालु पुलिस से उलझते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान पुलिस को संयम बरतना चाहिए था। महिला श्रद्धालुओं ने भी आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया और अपमानजनक व्यवहार किया गया। इस घटना से मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है। उनका दावा है कि भीड़ नियंत्रित करने के दौरान हल्की झड़प हुई हो सकती है, लेकिन किसी के साथ जानबूझकर दुर्व्यवहार नहीं किया गया। यदि किसी स्तर पर गलती पाई जाती है तो जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रंगभरी एकादशी पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, मामले की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।












