ऐप्पल के सीईओ टिम कुक ने अपना वर्कलोड कम करने का फैसला किया है, जिससे नए सीईओ के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वरिष्ठ अधिकारी जॉन टर्नस इस पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। नए नेतृत्व से ऐप्पल की वैश्विक रणनीति और कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ऐप्पल सीईओ बदलाव: ऐप्पल ने टिम कुक के वर्कलोड कम करने के फैसले के बाद नए सीईओ के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुक, जो 2011 से कंपनी की कमान संभाल रहे हैं, 65 साल के हो चुके हैं और डेली ऑपरेशन से खुद को अलग करना चाहते हैं। वरिष्ठ हार्डवेयर इंजीनियरिंग अधिकारी जॉन टर्नस सबसे आगे हैं, जबकि क्रेग फेगरिगी, एडी क्यू, ग्रेग जोसविएक और डेयरड्रे ओब्रायन भी इस रेस में शामिल हैं। नया नेतृत्व ऐप्पल की रणनीति और वैश्विक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
टिम कुक का भविष्य और योगदान
टिम कुक ने स्टीव जॉब्स के बाद ऐप्पल की कमान संभाली थी। उस समय कंपनी की वैल्यूएशन 350 बिलियन डॉलर थी, जो आज 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। 65 साल के कुक अब थकान महसूस कर रहे हैं और डेली ऑपरेशन से खुद को दूर रखना चाहते हैं।
कुक के बोर्ड चेयरमैन बनकर कंपनी में बने रहने की संभावना है। इससे उन्हें नए सीईओ के मार्गदर्शन और कंपनी की रणनीतिक फैसलों में भूमिका निभाने का मौका मिलेगा।

नए सीईओ के लिए दावेदार और उनके गुण
जॉन टर्नस, 24 साल से ऐप्पल में हैं और एशिया के मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन ऑपरेशन में माहिर हैं। उन्हें शांत स्वभाव और विवादों से दूर रहने वाला माना जाता है। टर्नस ऐप्पल के कई अहम फैसलों में शामिल रहे हैं और कुक के भरोसेमंद अधिकारी हैं।
अन्य दावेदारों में क्रेग फेगरिगी (सॉफ्टवेयर), एडी क्यू (सर्विस), ग्रेग जोसविएक (मार्केटिंग) और डेयरड्रे ओब्रायन (रिटेल) शामिल हैं। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि टर्नस के अनुभव और नेतृत्व के कारण उनका नाम सबसे मजबूत है।
टिम कुक के वर्कलोड कम करने के फैसले के साथ ऐप्पल में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए सीईओ के चयन से कंपनी की रणनीति और वैश्विक विस्तार पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों की नजरें जॉन टर्नस पर टिकी हैं, जो कंपनी के अगले सीईओ बनने की प्रबल संभावना रखते हैं।










