दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 लोगों को साक्ष्यों के अभाव में बाइज्जत बरी किए जाने के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पटना: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कुल 23 अन्य आरोपियों को साक्ष्यों की कमी के कारण बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों द्वारा पेश किए गए प्रमाण पर्याप्त नहीं थे, जिसके चलते सभी आरोपियों को न्यायिक सुरक्षा मिली।
इस फैसले के बाद देश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस अवसर का उपयोग करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला और दिल्ली में दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग की।
तेजस्वी यादव का बयान: राजनीतिक द्वेष का आरोप

पटना एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना होते समय मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा, “विपक्षी नेताओं को राजनीतिक द्वेष और चुनावी रणनीति के तहत फंसाया जाता है। जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके विपक्ष की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जाती है। अगर किसी नेता को बेवजह मुकदमों में उलझाया गया और इसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा, तो जनता को दोबारा निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।”
तेजस्वी ने कहा कि अदालत का फैसला साबित करता है कि भाजपा का चाल-चरित्र और राजनीतिक चरित्र बेनकाब हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोर्ट में मामला टिक नहीं पाया, तो इतनी बड़ी कार्रवाई किस आधार पर की गई।
दिल्ली विधानसभा चुनाव की मांग
तेजस्वी यादव ने साफ किया कि केवल मामले का बरी होना ही पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि दिल्ली में दोबारा विधानसभा चुनाव कराना ही लोकतंत्र की रक्षा करेगा, ताकि जनता को निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से अपनी सरकार चुनने का अवसर मिले।
उनका यह बयान केंद्र और राज्य के बीच चल रहे राजनीतिक संघर्ष के परिप्रेक्ष्य में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तेजस्वी ने कहा, “यह सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है, बल्कि केंद्र और विपक्ष के बीच चल रही व्यापक राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है।










