कर्नाटक में 'नाश्ते की कूटनीति': डीके शिवकुमार संग मुलाकात के बाद बोले CM सिद्धारमैया- 'मैंने इडली खिलाई, उन्होंने देसी मुर्गी'

कर्नाटक में 'नाश्ते की कूटनीति': डीके शिवकुमार संग मुलाकात के बाद बोले CM सिद्धारमैया- 'मैंने इडली खिलाई, उन्होंने देसी मुर्गी'

कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों और अंदरूनी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की एक साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। 

बेंगलुरु: डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा कि विधानसभा में सरकार की रणनीति और केंद्र सरकार के कार्यक्रमों के लिए फंडिंग कैसे ली जाए, इस पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर को वे दिल्ली जाकर सभी सांसदों से मिलेंगे और केंद्र की फंडिंग से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे। मौका मिलने पर वे हाई कमान से भी मुलाकात करेंगे।

सीएम ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वे नॉन वेज खाते हैं, जबकि डीके शिवकुमार वेज हैं; उन्होंने उन्हें वेज खिलाया और उन्होंने देसी मुर्गी खिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी और हाई कमान जो भी निर्णय करेंगे, उन्हें मानेंगे। सीएम ने कहा, “हम हमेशा भाई हैं, एक पार्टी में हैं, एक सिद्धांत मानते हैं, साथ हैं और साथ रहेंगे।

ब्रेकफास्ट के बाद क्या बोले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोनों नेताओं के बीच विधानसभा सत्र, केंद्र सरकार से फंड, और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि 8 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए सरकार की रणनीति तय की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा, 

'हम केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड और राज्य के लिए आवश्यक संसाधनों पर चर्चा करेंगे। 8 तारीख को मैं दिल्ली जाकर सभी सांसदों से मुलाकात करूंगा और अगर अवसर मिला तो पार्टी के हाईकमान से भी मिलूंगा।'

उन्होंने यह भी दोहराया कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जो भी फैसला करेंगे, उसे वे स्वीकार करेंगे।

'हममें कोई मतभेद नहीं' – सिद्धारमैया

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम दोनों भाई हैं, एक ही पार्टी में हैं, एक ही सिद्धांत को मानते हैं। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हम एकजुट हैं और आगे भी मिलकर सरकार चलाएंगे और चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नाश्ते के दौरान किसी राजनीतिक मुद्दे पर औपचारिक चर्चा नहीं हुई, बल्कि बाद में विधानसभा सत्र की रणनीति और विपक्ष के सवालों से निपटने की तैयारियों पर बातचीत की गई।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 8 दिसंबर को दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों के साथ बैठक होगी। इस बैठक में किसानों की समस्याओं, राज्य के विकास कार्यों और केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सांसदों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से उठाएं।

डीके शिवकुमार का भी आया बयान

उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी ब्रेकफास्ट मीटिंग को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा, “पहले मैंने मुख्यमंत्री को बुलाया था, लेकिन उन्होंने कहा कि तुम पहले आओ। आज वह मेरे पास आए और मैंने उन्हें मैसूरु स्टाइल ब्रेकफास्ट कराया। उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी, सरकार, विधानसभा सत्र और विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का मजबूती से जवाब देगी।

इस बैठक पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद बसवराज बोम्मई ने तंज कसते हुए कहा, “यह तो केवल एक टीज़र है, कांग्रेस की हालत दिखाने वाली पूरी फिल्म अभी बाकी है। अगर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री नाश्ते की बैठकों में ही व्यस्त रहेंगे, तो जनता के लिए काम कब करेंगे? उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का हाईकमान कहां है और कर्नाटक में चल रही यह राजनीति एक “फैमिली मैटर” बन गई है। उनके बयान को कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर सीधा हमला माना जा रहा है।

 

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