‘लैंड फॉर जॉब’ केस: तेज प्रताप यादव ने कोर्ट फैसले के बाद की योजना का किया खुलासा, वकील ने दी अहम जानकारी

‘लैंड फॉर जॉब’ केस: तेज प्रताप यादव ने कोर्ट फैसले के बाद की योजना का किया खुलासा, वकील ने दी अहम जानकारी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, और तेज प्रताप यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।

Land For Job Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court, Delhi) ने ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाला (Land For Job Scam) मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, बेटे तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती और बेटी हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय (Charges Framed) करने का आदेश दिया है।

यह फैसला इस विवादित मामले में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।

तेज प्रताप यादव ने क्या कहा?

इस फैसले के बाद, जनता जनशक्ति दल (JJD) के नेता तेज प्रताप यादव कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील हिमांशु शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, हम कोर्ट के आदेश की कॉपी प्राप्त करेंगे और उसका पूरी तरह से अध्ययन करेंगे। उसके बाद हम बताएंगे कि अगली प्रक्रिया में क्या कदम उठाए जाएंगे और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी जानकारी साझा करेंगे।"

वकील अजाज अहमद ने भी बताया कि कोर्ट ने लालू परिवार के सदस्यों पर धारा 420, 120B और 13 IPC के तहत आरोप तय किए हैं। औपचारिक आरोप 29 जनवरी को तय किए जाएंगे।

लालू परिवार पर क्या आरोप हैं?

‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले में आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे, तब इंडियन रेलवे के वेस्ट सेंट्रल जोन (Madhya Pradesh, Jabalpur) में ग्रुप-डी भर्तियों में गड़बड़ी की गई। आरोप के मुताबिक: भर्ती होने वाले उम्मीदवारों ने राजद प्रमुख के परिवार या उनके सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े भेंट स्वरूप या हस्तांतरित किए।

  • ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन कर की गईं।
  • इन लेन-देन में बेनामी संपत्तियों का भी इस्तेमाल हुआ।

सीबीआई ने दावा किया है कि यह आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के बराबर है। आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला बताया है।

केस की पृष्ठभूमि

इस मामले की जाँच कई सालों तक चली। प्रारंभिक चार्जशीट में 103 आरोपी शामिल थे, जिनमें अब तक पाँच की मृत्यु हो चुकी है। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से काफी संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इसमें सत्ता के दुरुपयोग और संपत्ति के अवैध लेन-देन के गंभीर आरोप हैं। तेज प्रताप यादव और लालू परिवार के अन्य सदस्य अभी तक आरोपों को अस्वीकार कर चुके हैं। 

उनका दावा है कि यह मामला राजनीतिक प्रेरणा से तैयार किया गया और इसमें कई तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। कोर्ट में अब 29 जनवरी को औपचारिक आरोप तय होने वाले हैं, जिसके बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी।

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