लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजरायल का भीषण हवाई हमला, हिजबुल्लाह के मिसाइल हमलों के बाद क्षेत्र में बढ़ा युद्ध का खतरा

लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजरायल का भीषण हवाई हमला, हिजबुल्लाह के मिसाइल हमलों के बाद क्षेत्र में बढ़ा युद्ध का खतरा

बेरूत पर इजरायल के ताजा हवाई हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। हिजबुल्लाह ने मिसाइल दागने की जिम्मेदारी ली है। दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनती जा रही है।

World News: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार तड़के इजरायली वायु सेना ने लेबनान की राजधानी Beirut पर भीषण एयरस्ट्राइक की नई श्रृंखला शुरू की। यह हमला उस समय हुआ जब ईरान समर्थित संगठन Hezbollah ने सीमा पार इजरायल पर दर्जनों मिसाइलें दागीं।

एक साल से अधिक समय में यह पहला मौका है जब हिजबुल्लाह ने आधिकारिक तौर पर इजरायल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है।

हिजबुल्लाह का मिसाइल हमला

हिजबुल्लाह ने बयान जारी कर कहा कि उसने इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। संगठन का दावा है कि यह हमला ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की हत्या और इजरायल की बार-बार की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किया गया।

हिजबुल्लाह के अनुसार यह कार्रवाई बदले की शुरुआत है। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि हमले जारी रहे तो उसकी प्रतिक्रिया भी जारी रहेगी। इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और गहरा कर दिया है।

इजरायल की जवाबी कार्रवाई

मिसाइल हमलों के तुरंत बाद इजरायल ने बेरूत में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने सीमा पार से आई एक मिसाइल को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया। कई अन्य मिसाइलें खुले इलाकों में गिरीं।

इजरायली सेना ने यह भी कहा कि फिलहाल किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि लेबनान की राजधानी में धमाकों की आवाजों से दहशत का माहौल बन गया।

50 गांवों को खाली करने की चेतावनी

इजरायल ने लेबनान के लगभग 50 गांवों के लोगों से अपील की है कि वे संभावित हमलों को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। यह चेतावनी बताती है कि इजरायल आगे भी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

स्थानीय लोगों में डर और असमंजस की स्थिति है। कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर जा रहे हैं। सीमा के दोनों ओर सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

एक साल बाद फिर खुली जिम्मेदारी

पिछले एक साल से अधिक समय में हिजबुल्लाह ने सीधे तौर पर इजरायल पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। इस बार संगठन ने खुले तौर पर घोषणा की है कि उसने हमला किया। इससे संकेत मिलता है कि संघर्ष अब नए चरण में प्रवेश कर चुका है।

पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध का खतरा

मिडिल ईस्ट पहले से ही कई मोर्चों पर अस्थिर है। ईरान, इजरायल और उनके समर्थक समूहों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। बेरूत पर हुए हमले ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है। यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर रखे हुए है।

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