ईरान ने ओमान के मुसैंडम प्रायद्वीप के पास तेल टैंकर स्काईलाइट को निशाना बनाया। जहाज पर 20 क्रू मेंबर सुरक्षित बाहर निकाले गए, जिनमें 15 भारतीय भी शामिल हैं। 4 लोग घायल, वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ा।
Iran-Isreal War: ओमान के मुसैंडम प्रायद्वीप के पास रविवार को ईरान ने पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर स्काईलाइट को निशाना बनाया। जहाज पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्य सुरक्षित बाहर निकाले गए, जिनमें 15 भारतीय क्रू मेंबर भी शामिल थे। इस हमले में चार लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना से तेल परिवहन और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है।
हमला कहां और कैसे हुआ
ईरान ने स्काईलाइट टैंकर को मुसैंडम प्रायद्वीप से लगभग 5 समुद्री मील की दूरी पर निशाना बनाया। हमला अचानक हुआ और जहाज पर मौजूद चालक दल ने तेजी से सुरक्षा उपाय अपनाए। जहाज के कमांडर ने मीडिया को बताया कि हमले के समय सभी क्रू सदस्य अपने-अपने पोस्ट पर थे और प्रशिक्षित होकर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इस हमले ने खाड़ी में नौवहन और तेल परिवहन को जोखिम में डाल दिया है।
कतर ने की ईरानी हमलों की कड़ी निंदा
कतर ने ओमान पर ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है। कतरी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला ओमान की संप्रभुता का उल्लंघन है और उस देश को निशाना बनाने का कायरतापूर्ण कृत्य है, जो मध्यस्थता में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। कतर ने सभी संबंधित पक्षों से स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
अमेरिका ने दी चेतावनी

ईरानी हमलों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब ऐसा जवाब दिया जाएगा, जिसे पहले कभी नहीं देखा गया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान में बड़े हमले शुरू कर दिए। तेहरान में कई जगह धमाके सुने गए और अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन में ईरान के मिलिट्री चीफ मुसावी को मार गिराया।
अमेरिका ने यह भी कहा कि ईरान के साथ किसी भी तरह की नई कार्रवाई का मकसद मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनाए रखना और आतंकवादी गतिविधियों को रोकना है।
इजरायल का रुख
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आने वाले दिनों में वे आतंकवादी शासन के हजारों लक्ष्यों पर हमला करेंगे। उनका कहना था कि यह कार्रवाई ईरानी नागरिकों के लिए अवसर है कि वे अत्याचार की जंजीरों से खुद को मुक्त कर सकें।
नेतन्याहू ने ईरान के नागरिकों से अपील की कि वे सड़कों पर उतरें और शासन के खिलाफ एकजुट हों। उनका कहना था कि यह अवसर हर पीढ़ी में केवल एक बार आता है और अब इतिहासिक मिशन के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईरान के फारसी, कुर्द, अजरबैजानी, अहवाज़ी और बलूची समुदायों को अब समय है कि वे अपने बलों को एकजुट करें, शासन को चुनौती दें और अपने भविष्य को सुरक्षित करें।
मिडिल ईस्ट में बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति
ईरानी हमले और अमेरिकी-इजरायली प्रतिक्रिया के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। खाड़ी देशों ने अपने हवाई और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की है। तेल टैंकर और समुद्री जहाजों के संचालन में बाधा उत्पन्न होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।










