लव मैरिज महिलाओं को दस्तावेज संकट, मायके ने फेरा मुंह; SIR अभियान में बढ़ी परेशानियां

लव मैरिज महिलाओं को दस्तावेज संकट, मायके ने फेरा मुंह; SIR अभियान में बढ़ी परेशानियां

उदयपुर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने प्रेम विवाह करने वाली कई महिलाओं के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है। पहचान संबंधी दस्तावेज मांगने पर मायके से दूर हो चुकी ये महिलाएं वर्षों बाद परिजनों से संपर्क कर रही हैं, लेकिन नाराज परिवार सहयोग करने को तैयार नहीं है।

Rajasthan: उदयपुर में SIR अभियान के दौरान गणना फार्म भरने के लिए माता-पिता की पहचान संबंधी दस्तावेजों की जरूरत पड़ने पर प्रेम विवाह करने वाली महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शादी के बाद जिन महिलाओं का मायके से संबंध टूट गया था, वे अब दस्तावेजों के लिए संपर्क कर रही हैं, लेकिन नाराज परिजन सहयोग नहीं कर रहे। कई मामलों में बीएलओ के पास महिलाएं मदद की गुहार लेकर पहुंच रही हैं। 

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक चरण में कोई दस्तावेज जरूरी नहीं है और सभी को फॉर्म भरना चाहिए। वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन और पुलिस ऐसे परिजनों की काउंसलिंग करें, जो बेटी की मदद नहीं कर रहे। मुश्किलें बढ़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।

लव मैरिज महिलाओं के सामने दस्तावेजों का संकट

SIR अभियान में गणना फॉर्म भरने के लिए दस्तावेज मांगने पर प्रेम विवाह करने वाली महिलाओं ने मायके से संपर्क करना शुरू किया है। लेकिन जिन्होंने घर वालों की इच्छा के खिलाफ शादी की थी, उनके परिजन अब जानकारी देने से मना कर रहे हैं। ऐसे में कई महिलाओं के सामने पहचान साबित करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

मायके वालों ने किया इंकार

अभियान शुरू होते ही बीएलओ जब घर-घर गणना फार्म लेकर पहुंचे, तो कई महिलाओं को पहली बार विवाह पूर्व दस्तावेजों की जरूरत महसूस हुई। कई परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा- 'अब क्यों याद आया मायका?'

इसी कारण ज्यादातर महिलाएं मायके से कोई सहयोग नहीं पा रही हैं।

केस 1: वंदना को मायके ने किया इंकार

उदयपुर के राहुल और वंदना ने प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वंदना का मायके से संबंध टूट गया। अब गणना फार्म के लिए दस्तावेज मांगने पर वंदना के परिजनों ने साफ मना कर दिया। बाद में बीएलओ के आग्रह पर दंपती ने बिना दस्तावेज फॉर्म भरकर जमा कराया।

केस 2: रंजना को भी नहीं मिला समर्थन

रंजना (बदला नाम) ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह किया था। परिजनों ने उससे संबंध तोड़ लिए। SIR अभियान में दस्तावेज की जरूरत पड़ते ही वह मायके पहुंची, लेकिन उसे भी कोई जानकारी नहीं दी गई, जिससे उसकी दिक्कतें बढ़ गईं।

जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि 'प्रारंभिक चरण में किसी भी मतदाता को पहचान दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं। सभी मतदाता फॉर्म अवश्य भरें। जरूरत पड़ने पर प्रशासन सहयोग करेगा।'

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