महाराजा ट्रॉफी केएससीए T20 के फाइनल मुकाबले में साल 2025 का खिताब मैंगलोर ड्रैगंस ने अपने नाम किया। हुबली टाइगर्स और मैंगलोर ड्रैगंस के बीच खेले गए इस मैच में बारिश ने खलल डाला, जिसके चलते विजेता का फैसला वीजेडी नियम से हुआ।
स्पोर्ट्स न्यूज़: कर्नाटक की प्रतिष्ठित महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20 2025 का समापन रोमांचक अंदाज़ में हुआ। श्रेयस गोपाल की कप्तानी वाली मैंगलोर ड्रैगंस ने बारिश से प्रभावित फाइनल मुकाबले में देवदत्त पड्डीक्कल की हुबली टाइगर्स को 14 रनों से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले ने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन दिया, जहां एक तरफ बीआर शरत की शानदार बल्लेबाजी देखने को मिली, तो दूसरी ओर हुबली टाइगर्स की टीम दबाव के पल में संघर्ष करती नजर आई।
फाइनल में पड्डीक्कल की टीम की हार
हुबली टाइगर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि कप्तान देवदत्त पड्डीक्कल का बल्ला नहीं चला और वे सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों से उबरने की कोशिश में मोहम्मद ताहा (27 रन) और क्रिशन श्रीजीत (52 रन, 45 गेंद) ने कुछ साझेदारी की। श्रीजीत ने धैर्य से पारी संभाली, लेकिन तेजी से रन बनाने की कोशिश में वे भी आउट हो गए।
इसके बाद कार्तिकेय केपी (8 रन), रितेश भटकल (13 रन) और अभिनव मनोहर (17 रन) ने छोटे-छोटे योगदान दिए। टीम निर्धारित 20 ओवर में 154 रन तक ही पहुंच पाई।
मैंगलोर ड्रैगंस के गेंदबाजों का कमाल
मैंगलोर ड्रैगंस की सफलता की नींव उनके गेंदबाजों ने रखी। सचिन शिंदे सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। श्रीवत्स आचार्य और मैकनील नोरोन्हा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 2-2 विकेट झटके। इनकी बदौलत ड्रैगंस ने विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
बीआर शरत की ताबड़तोड़ पारी
लक्ष्य का पीछा करते हुए मैंगलोर ड्रैगंस ने शानदार शुरुआत की। बीआर शरत और लोचन गौड़ा ने आक्रामक बल्लेबाजी की। शरत ने 35 गेंदों में 49 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। लोचन गौड़ा ने 18 रन (1 चौका, 1 छक्का) का योगदान दिया। 10.4 ओवर तक ही टीम ने 85 रन बना डाले और केवल दो विकेट ही गिरे थे। इसके बाद बारिश ने मैच में खलल डाल दिया और वीजेडी नियम के तहत मैंगलोर ड्रैगंस को 14 रनों से विजेता घोषित कर दिया गया।
फाइनल मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी के लिए बीआर शरत को "प्लेयर ऑफ द मैच" चुना गया। टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के लिए देवदत्त पड्डीक्कल को "प्लेयर ऑफ द सीरीज" का अवॉर्ड मिला। श्रेयस गोपाल की कप्तानी में ड्रैगंस की टीम पूरे टूर्नामेंट में बैलेंस्ड नज़र आई। फाइनल में भी उनकी रणनीति कारगर साबित हुई। गेंदबाजी में सही समय पर विकेट निकालना और बल्लेबाजी में आक्रामक शुरुआत करना उनकी जीत की कुंजी रही।