ममता बनर्जी का सनसनीखेज आरोप: SIR प्रक्रिया में EC पर BJP IT Cell का ऐप इस्तेमाल करने का दावा

ममता बनर्जी का सनसनीखेज आरोप: SIR प्रक्रिया में EC पर BJP IT Cell का ऐप इस्तेमाल करने का दावा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को संचालित करने के लिए भाजपा के आईटी सेल द्वारा विकसित एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहा है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग (ECI) पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग भाजपा के आईटी सेल द्वारा विकसित मोबाइल एप का उपयोग कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस कदम को गैरकानूनी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार दिया है।

गंगासागर दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत

दक्षिण 24 परगना जिले के सागरद्वीप में आगामी गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अपने दो दिवसीय दौरे के समापन से पहले ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत की। इसी दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR प्रक्रिया के नाम पर आयोग हर तरह के “गलत हथकंडे” अपना रहा है, जिससे राज्य के लाखों मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग कई योग्य और जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है। इसके अलावा बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार और अस्वस्थ नागरिकों को भी सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया मानवीय दृष्टिकोण से भी गलत है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

भाजपा आईटी सेल के एप के इस्तेमाल का दावा

मुख्यमंत्री ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया कि SIR प्रक्रिया को संचालित करने के लिए भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ द्वारा विकसित मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। ममता बनर्जी के अनुसार, यदि निर्वाचन आयोग किसी राजनीतिक दल के तकनीकी साधनों का उपयोग करता है, तो यह उसकी निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा, यह पूरी तरह गैरकानूनी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह अब और नहीं चल सकता।

ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उसी दिन तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान मनमानी और अनियमित कार्रवाइयों का सहारा लिया गया है।

टीएमसी का कहना है कि SIR के नाम पर अपनाई जा रही प्रक्रिया ने राज्य में वास्तविक और योग्य मतदाताओं के लिए गंभीर कठिनाइयाँ खड़ी कर दी हैं। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

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