Motilal Oswal ने अपनी ताजा रिपोर्ट में एनर्जी सेक्टर को चुना और Reliance Industries को प्रमुख स्टॉक घोषित किया। रिफाइनिंग, डिजिटल सर्विसेज और O2C क्षमता के कारण कंपनी जियोपॉलिटिकल तनाव के समय भी स्थिर प्रॉफिट दे सकती है।
बिज़नेस न्यूज़: ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने अपनी ताजा ‘Sector of the Week’ रिपोर्ट में इस बार एनर्जी सेक्टर को चुना है और इस सेक्टर का प्रमुख स्टॉक के रूप में रिलायंस इंडस्ट्रीज को जगह दी है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और Strait of Hormuz में संभावित रुकावट की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता बढ़ा दी है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है, जहां से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल, रिफाइंड प्रोडक्ट्स और Liquefied Natural Gas (LNG) गुजरता है। यदि यहां किसी तरह की रुकावट आती है तो तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और एनर्जी सेक्टर के स्टॉक्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज को क्यों चुना गया
Motilal Oswal ने रिपोर्ट में बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी डिजिटल सर्विसेज की लीडरशिप के साथ स्ट्रक्चरल रूप से मजबूत और डायवर्सिफाइड अर्निंग्स प्रोफाइल बना रही है। कंपनी के व्यवसाय में रिटेल ऑप्शनैलिटी और O2C (Oil to Chemical) कैश फ्लो का समर्थन मौजूद है। वैश्विक स्तर पर क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी आम तौर पर रिफाइनिंग क्रैक्स को चौड़ा करती है, जिससे कॉम्प्लेक्स रिफाइनरी को फायदा होता है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि रिलायंस के एडवांस्ड रिफाइनिंग एसेट्स और स्केल इसे क्रूड में उतार-चढ़ाव के समय GRMs (Gross Refining Margins) को बेहतर तरीके से कैप्चर करने और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और एनर्जी सोर्सिंग में कंपनी की इंटीग्रेटेड प्रेजेंस फीडस्टॉक मिक्स और प्रोडक्ट स्लेट को ऑप्टिमाइज करने में फ्लेक्सिबिलिटी देती है। इसका मतलब यह है कि उतार-चढ़ाव वाले कमोडिटी साइकिल के बीच भी कंपनी अपने मार्जिन बनाए रख सकती है।
जियोपॉलिटिकल तनाव का फायदा
Motilal Oswal की रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी की कई क्रूड ग्रेड और फीडस्टॉक प्रोसेस करने की क्षमता इसे वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट या कीमतों में तेजी के समय लाभ लेने में सक्षम बनाती है। इसे देखकर कहा जा सकता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज जियोपॉलिटिकल-ड्रिवन एनर्जी मार्केट की तंगी से फायदा उठाने की स्थिति में है।
रिलायंस का शेयर प्रदर्शन और टारगेट प्राइस
शुक्रवार को NSE पर Reliance Industries Limited का शेयर 17.60 रुपये या लगभग 1.27 प्रतिशत बढ़कर 1,407 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। कुछ दिनों से शेयर में लगातार तेजी देखी जा रही है। Motilal Oswal ने अगले सप्ताह के लिए इसका टारगेट प्राइस 1,750 रुपये तय किया है।
ग्लोबल एनर्जी मार्केट में संवेदनशीलता
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि बदलते जियोपॉलिटिकल माहौल से पता चलता है कि ग्लोबल एनर्जी मार्केट सप्लाई में किसी भी रुकावट के प्रति बहुत सेंसिटिव है। जहां अपस्ट्रीम और शिपिंग सेगमेंट कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से फायदा उठा सकते हैं, वहीं डाउनस्ट्रीम और गैस डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस लागत के दबाव के प्रति कमजोर बने हुए हैं।
मीडियम टर्म में निवेशकों के लिए संकेत
Motilal Oswal का कहना है कि मीडियम टर्म में, ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और अलग-अलग सोर्सिंग क्षमताओं वाली एनर्जी कंपनियां किसी भी आपूर्ति रुकावट या मूल्य बढ़ोतरी का बेहतर प्रबंधन कर सकती हैं। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे एनेर्जी स्टॉक्स निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बने हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एनर्जी सेक्टर में निवेश करते समय कंपनी की रिफाइनिंग क्षमता, डायवर्सिफाइड बिजनेस प्रोफाइल और मार्जिन स्थिरता को ध्यान में रखना जरूरी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज इन सभी पहलुओं में मजबूत स्थिति में है, जिससे लंबे समय में स्टॉक की वृद्धि की संभावना बनी रहती है।











