नैनीताल, भीमताल और कैंचीधाम तक बनेगा रोपवे, सरकार ने प्रोजेक्ट का सर्वे किया शुरू

नैनीताल, भीमताल और कैंचीधाम तक बनेगा रोपवे, सरकार ने प्रोजेक्ट का सर्वे किया शुरू

उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार की पहल से नैनीताल, भीमताल और कैंचीधाम तक पहुंच आसान बनने जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक और जाम की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एक निजी कंपनी ने रोपवे परियोजना का सर्वे शुरू कर दिया है। 

देहरादून: उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा को और आसान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत एक निजी कंपनी ने रोपवे का सर्वे शुरू कर दिया है। यह सर्वे खास तौर पर नैनीताल, कैंचीधाम और भीमताल तक पहुंचने वाले मार्गों पर केंद्रित है, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके।

भीमताल में शुरू हुए इस सर्वे के अनुसार, नैनीताल के रानीबाग में पहला रोपवे स्टेशन और दूसरा भीमताल में प्रस्तावित किया गया है। इसके बाद भीमताल से भवाली और फिर भवाली से नैनीताल व कैंचीधाम तक रोपवे चलाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में पहाड़ी पर्यटन स्थलों तक पहुंच और सुविधाजनक हो सकेगी।

भीमताल से शुरू हुआ सर्वे कार्य

रोपवे परियोजना के लिए सर्वे कार्य भीमताल से शुरू किया गया है। परियोजना की निगरानी कर रहे सुपरवाइज़र मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि यह लगभग 35 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रोपवे लाइन में पांच प्रमुख स्टेशन बनाए जाने हैं। ये स्टेशन नैनीताल के रानीबाग, भीमताल, भवाली, नैनीताल और कैंचीधाम में स्थापित होंगे। सर्वे में आधुनिक मशीनों का उपयोग कर भौगोलिक और तकनीकी संभावनाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है।

सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रोपवे न केवल तकनीकी रूप से सुरक्षित और टिकाऊ हो, बल्कि पर्यटकों के लिए आरामदायक और समय की बचत करने वाला भी साबित हो। मयंक श्रीवास्तव के अनुसार, “हम चाहते हैं कि रोपवे परियोजना पूरा होने पर पर्यटक आसानी से नैनीताल, भीमताल और कैंचीधाम पहुँच सकें और इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिले।”

परियोजना से पर्यटकों को मिलेगा लाभ

नैनीताल और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक और जाम की समस्याएँ आम हैं। विशेषकर छुट्टियों और वीकेंड में नैनीताल जैसे लोकप्रिय स्थलों की सड़कें पर्यटकों से भर जाती हैं। इस परियोजना के पूरा होने से पर्यटक लंबी ड्राइव के बजाय रोपवे के माध्यम से आसानी से मंज़िल तक पहुँच सकेंगे। परियोजना की सफलता से केवल पर्यटकों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा। 

स्थानीय व्यापारियों, होटल और छोटे व्यवसायों को पर्यटकों की बढ़ती संख्या से आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा, पहाड़ी सड़कों पर वाहन कम होने से पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से राज्य में पर्यटन को और अधिक सुलभ बनाना है। नैनीताल, भीमताल और कैंचीधाम के प्राकृतिक सौंदर्य और झीलों को ऊँचाई से देखने का अनुभव पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण होगा।

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