निखिल कामथ, जेरोधा के को-फाउंडर और 10वीं ड्रॉपआउट, हाल ही में एलन मस्क का इंटरव्यू लेकर चर्चा में हैं। बिना किसी कॉलेज डिग्री के उन्होंने अपने पिता के पैसों से ट्रेडिंग शुरू की और 2010 में अपने भाई के साथ जेरोधा की स्थापना की। आज उनकी कंपनी 64,000 करोड़ रुपये की कीमत वाली प्रमुख स्टॉक ब्रोकरेज फर्म बन चुकी है।
Nikhil Kamath Success: निखिल कामथ, जेरोधा के को-फाउंडर, जिन्होंने हाल ही में एलन मस्क का इंटरव्यू लिया, भारतीय स्टॉक मार्केट में अपनी अनूठी पहचान बना चुके हैं। कर्नाटक के रहने वाले निखिल ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी, कॉल सेंटर में नौकरी की और अपने पिता के पैसों से ट्रेडिंग शुरू की। 2010 में अपने भाई के साथ जेरोधा की स्थापना की और आज उनकी कंपनी 1.6 करोड़ यूजर्स और 64,000 करोड़ रुपये के मूल्य के साथ भारत की प्रमुख स्टॉक ब्रोकरेज फर्मों में शामिल है।
एलन मस्क का इंटरव्यू और जेरोधा का असर
हाल ही में निखिल कामथ, जेरोधा के को-फाउंडर, ने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क का इंटरव्यू लिया, जिससे उनकी चर्चा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गई। जेरोधा एक प्रमुख स्टॉक ब्रोकरेज फर्म है, जिसमें करीब 1.6 करोड़ यूजर्स हैं और वर्तमान में इसकी कीमत लगभग 64,000 करोड़ रुपये आंकी गई है।
शुरुआती संघर्ष और शिक्षा का सफर
निखिल कामथ कर्नाटक के रहने वाले हैं और उनके पिता कैनरा बैंक में कार्यरत हैं। निखिल 10वीं कक्षा में ही स्कूल से बाहर हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने सेल्फ-लर्निंग शुरू की। उन्होंने स्कूल में ही पहला बिजनेस प्लान तैयार किया और पुराने मोबाइल फोन बेचकर अपनी पहली आय अर्जित की। 17 साल की उम्र में उन्होंने कॉल सेंटर में नौकरी शुरू की, जिसमें शुरुआती वेतन 8,000 रुपये था।

जेरोधा की स्थापना और व्यवसायिक सफलता
निखिल कामथ के पास किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय की डिग्री नहीं है। उन्होंने अपने पिता के पैसों से ट्रेडिंग शुरू की और 2010 में अपने भाई निखिल भट्ट के साथ मिलकर जेरोधा की स्थापना की। कंपनी ने तेजी से सफलता हासिल की और भारतीय स्टॉक मार्केट में नए मानक स्थापित किए। इसके अलावा, निखिल ने पीएम मोदी समेत कई बड़े व्यक्तित्वों का इंटरव्यू भी किया है।
व्यक्तित्व और व्यापारिक दृष्टिकोण
निखिल कामथ अपने उद्यमिता दृष्टिकोण और जोखिम लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनका अनुभव यह दिखाता है कि पारंपरिक शिक्षा न लेने के बावजूद, आत्म-प्रेरणा और कड़ी मेहनत से व्यवसाय में ऊँचाई हासिल की जा सकती है। उनकी कहानी युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।









