नाटक हों या विज्ञापन, फिल्में हों या ओटीटी, निमरत कौर ने खुद को हर जगह साबित किया है। 'द लंचबॉक्स' जैसी फिल्म से सभी का दिल जीतने वाली यह एक्ट्रेस 'एयरलिफ्ट' और 'दसवी' जैसी फिल्मों में भी नजर आईं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड और ओटीटी की जानी-मानी एक्ट्रेस निमरत कौर इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन सीजन 3’ में नेगेटिव रोल के लिए सुर्खियों में हैं। अपने दमदार अभिनय और नेगेटिव किरदारों में गहराई लाने के लिए वह कई आलोचकों और दर्शकों की सराहना बटोर रही हैं। हालाँकि, इस इंटरव्यू में उन्होंने न केवल अपने करियर बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर भी खुलकर बात की।
सुरक्षा: हर लड़की का जन्मसिद्ध अधिकार
निमरत कौर ने कहा, "लड़की होने के साथ जुड़ी असुरक्षा की भावना किसी भी प्रोफेशन या जगह की तुलना में बड़ी है। यह केवल ऑफिस या सेट की बात नहीं है। सड़क पर निकलिए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बैठिए, हर जगह एक अजीब अहसास रहता है कि आप पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आगे बताया कि मुंबई आने पर उन्हें पहली बार समझ आया कि ‘सेफ होना कैसा महसूस होता है’।
यह अनुभव उनके लिए एक अहसास बन गया कि क्यों लड़कियों को हमेशा सुरक्षा की चिंता करनी पड़ती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "काम, मेहनत, समर्पण – हम उतना ही करते हैं जितना कोई भी इंसान करता है। फिर भी हमें सबसे पहले खुद की सुरक्षा की जद्दोजहद करनी पड़ती है। सुरक्षा कोई सुविधा नहीं, बल्कि हर लड़की का जन्मसिद्ध और मौलिक अधिकार है।

लड़की होने के नाते अनुभव और जिम्मेदारी
एक्ट्रेस ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी परवरिश ऐसी हुई कि मुझे कभी हीनता महसूस नहीं हुई। कभी यह नहीं कहा गया कि आप लड़की हैं तो ये नहीं कर सकती।" उन्होंने आगे कहा कि लड़कियों को अपना जेंडर ‘फायदा’ उठाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि लड़की होने के नाते हमें अपने काम और प्रोफेशन पर फोकस करना चाहिए, न कि जेंडर के आधार पर कोई लाभ या बहाना बनाना चाहिए।
निमरत कौर ने जोर देकर कहा, "लड़की होने के नाते हम दोहरे मापदंड का हिस्सा नहीं बनें, बल्कि सच्चाई और प्रतिबद्धता के साथ अपने काम को आगे बढ़ाएं।
परदे पर मजबूत महिला किरदार
निमरत कौर ने बॉलीवुड और ओटीटी में अपने करियर की शुरुआत ‘द लंचबॉक्स’ फिल्म से की थी, जिसने उन्हें तुरंत पहचान दिलाई। इसके बाद ‘एयरलिफ्ट’, ‘दसवी’ और हाल ही में ‘कुल’ जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में भी उनके किरदारों को सराहा गया। उन्होंने याद करते हुए बताया, "मुझे अपना पहला होर्डिंग पोस्टर ‘द लंचबॉक्स’ का मुंबई के जुहू सर्कल में देखने को मिला। सोशल मीडिया का दौर इतना सक्रिय नहीं था, लेकिन उस समय का उत्साह और खुशी अविस्मरणीय थी।
हालांकि उस समय उनका पोस्टर उल्टा लगने की वजह से मज़ेदार स्थिति बनी थी, लेकिन बाद में एक मशहूर मक्खन के विज्ञापन का सही पोस्टर देखकर उन्हें तसल्ली और खुशी मिली। ‘द फैमिली मैन सीजन 3’ में नेगेटिव रोल निभाते हुए निमरत ने साबित किया है कि वह किसी भी किरदार में गहराई और इमोशनल इंटेंसिटी ला सकती हैं। उनका कहना है कि ऐसे रोल्स चुनना उन्हें चुनौती और संतोष दोनों देता है।












