निर्मला सीतारमण के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, खराब मौसम के कारण भूटान यात्रा टली

निर्मला सीतारमण के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, खराब मौसम के कारण भूटान यात्रा टली

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भूटान यात्रा खराब मौसम के कारण टल गई। उनका विमान बागडोगरा एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सीतारमण सिलीगुड़ी में रुकेंगी और मौसम सामान्य होने पर यात्रा फिर से शुरू करेंगी।

New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भूटान यात्रा की शुरुआत अप्रत्याशित रूप से बाधित हो गई। गुरुवार दोपहर भूटान के लिए रवाना हुईं सीतारमण के विमान की बागडोगरा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। यह कदम खराब मौसम और आसमान में कम दबाव के चलते उठाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मौसम अचानक बिगड़ गया और सुरक्षा कारणों से विमान को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा।

इस घटना के समय विमान में वित्त मंत्री के साथ उनके अधिकारी और सुरक्षा कर्मी मौजूद थे। हालांकि राहत की बात यह है कि विमान की यह लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित रही और सभी यात्री सुरक्षित हैं।

सिलीगुड़ी में रातभर रुकेंगी वित्त मंत्री

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। इस कारण निर्मला सीतारमण ने फिलहाल सिलीगुड़ी में ही ठहरने का निर्णय लिया है। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि यदि शुक्रवार सुबह तक मौसम सामान्य हो जाता है, तो वित्त मंत्री फिर से भूटान के लिए रवाना होंगी।

सीतारमण की यह यात्रा पहले से निर्धारित थी और 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक चलनी थी। इस यात्रा के तहत वह भूटान के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेने वाली थीं।

भूटान यात्रा का उद्देश्य और कार्यक्रम

निर्मला सीतारमण इस बार की यात्रा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। यह प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के तहत भूटान सरकार के साथ द्विपक्षीय चर्चाएं करने वाला था। दोनों देशों के बीच आर्थिक, वित्तीय और विकास सहयोग को लेकर यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वित्त मंत्री को भूटान की राजधानी थिम्फू में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत उन्हें सांगचेन चोखोर मठ से करनी थी। यह मठ 1765 में स्थापित हुआ था और आज भी 100 से अधिक बौद्ध भिक्षु यहां अध्ययन और साधना करते हैं। यह भूटान की धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

भूटान नरेश और प्रधानमंत्री से प्रस्तावित मुलाकात

निर्मला सीतारमण का कार्यक्रम भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री महामहिम दाशो शेरिंग तोबगे से मुलाकात का भी था। इस मुलाकात में भारत-भूटान के बीच चल रहे सहयोग कार्यक्रमों की समीक्षा की जानी थी।

इसके अलावा वह भूटान के वित्त मंत्री लेके दोरजी से भी द्विपक्षीय बैठक करने वाली थीं। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग के नए रास्तों पर चर्चा होनी थी। भारत की ओर से भूटान में चल रहे कई प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी इसी दौरे के दौरान की जानी थी।

UPI और डिजिटल कनेक्टिविटी पर चर्चा की योजना

भूटान में भारत की डिजिटल पहुंच लगातार बढ़ रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भूटान यात्रा के दौरान Unified Payments Interface (UPI) के विस्तार और डिजिटल लेनदेन प्रणाली के उपयोग को लेकर समीक्षा करने वाली थीं। 

भूटान में भारतीय UPI प्रणाली को अपनाने के बाद दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान को लेकर मजबूत साझेदारी बनी है। सीतारमण का उद्देश्य इस डिजिटल साझेदारी को और गहरा करना था।

कुटीर और लघु उद्योग (CSI) बाजार का दौरा भी तय 

अपने चार दिवसीय कार्यक्रम में वित्त मंत्री को भूटान के कुटीर एवं लघु उद्योग (Cottage and Small Industries) बाजार का भी दौरा करना था। यहां वह भारतीय सहायता से चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण करने वाली थीं।

भारत-भूटान के बीच छोटे उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। निर्मला सीतारमण का यह दौरा दोनों देशों के व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा था।

खराब मौसम बना बाधा, नई योजना पर विचार

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मौसम की वजह से सीतारमण के कई कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। अब स्थिति सामान्य होने के बाद नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि वित्त मंत्री की यात्रा का उद्देश्य भूटान के साथ आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है, इसलिए यात्रा को रद्द नहीं किया जाएगा बल्कि पुनर्निर्धारित किया जाएगा।

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