ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने एक साथ छह नामांकन फॉर्म हासिल कर लिए हैं।
Rajya Sabha Elections: ओडिशा में चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी तैयारियाँ जोरों पर हैं। चुनावी प्रक्रिया के अनुसार, नामांकन 5 मार्च तक चलेंगे, जबकि मतदान 16 मार्च 2026 को होगा। इस बीच बीजू जनता दल (बीजद) ने एक साथ छह नामांकन फॉर्म लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार बीजद की एक सीट पक्की मानी जा रही है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दो सीटों पर जीत तय मानी जा रही है, जबकि चौथी सीट को लेकर सभी दलों में सियासी जंग तेज है।
बीजद की रणनीति और छह नामांकन फॉर्म
बीजद के सांसद सस्मित पात्रा ने अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद छह नामांकन फॉर्म हासिल किए। पार्टी की इस चाल ने राजनीतिक माहौल में अटकलों को बढ़ा दिया है। पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि अंतिम उम्मीदवारों के चयन का अधिकार नवीन पटनायक के पास होगा।
बीजद की एक सीट पक्की होने के बाद, अन्य सीटों के लिए वोटिंग रणनीति पर सभी दलों की निगाहें टिकी हैं। बीजद के पास अब कुल 48 विधायक बचे हैं, क्योंकि दो विधायकों को निलंबित किया गया है।
चौथी सीट के लिए कांग्रेस की तैयारी

चौथी सीट के लिए किसी दल के पास जरूरी 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं हैं। भाजपा के पास 79 विधायक हैं, साथ ही तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलाकर कुल संख्या 82 हो जाती है। तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को आठ वोट और चाहिए। वहीं, कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और सीपीआई-एम का एक विधायक भी शामिल है। कांग्रेस ने बीजद प्रमुख नवीन पटनायक से मुलाकात का समय मांगा है और चौथी सीट के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारने की योजना पर विचार कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, संख्या बल कम होने के बावजूद हम राज्यसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे। मैं दिल्ली जाकर हाईकमान से चर्चा करूंगा और उसके बाद तय होगा कि पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी या किसी बाहरी उम्मीदवार को समर्थन देगी।
मतदान प्रक्रिया और समयसीमा
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 5 मार्च तक जारी रहेगी। इसके बाद 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च तय की गई है। मतदान 16 मार्च को विधानसभा में होगा। यह चुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि अप्रैल में बीजद के निरंजन बिशी और मुन्ना खान, तथा भाजपा के सुजीत कुमार और ममता मोहंता का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।











